बहराइच। कल्पीपारा सिंचाई कॉलोनी की बिजली बुधवार रात फिर काट दी गई। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने गुरुवार को कार्य का बहिष्कार कर दिया।
सिंचाई कॉलोनी में स्थित कार्यालयों में ताले कामकाज ठप पड़ा है। कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
कर्मचारियों ने बिजली व्यवस्था दुरुस्त न होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की चेतावनी दी है। दरगाह थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्पीपारा सिंचाई कॉलोनी में सिंचाई विभाग के सात खंडों के कार्यालय स्थापित हैं।
इन खंडों के लगभग 300 कर्मचारी कालोनी में स्थित आवासों में निवास करते हैं लेकिन लगभग साल भर से कर्मचारी आवासों को सप्लाई होने वाली बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया है।
एक करोड़ से अधिक का बकाया है। इसके चलते बुधवार देर रात पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने कॉलोनी में पहुंचकर बिजली कटवा दी।
अचानक बिजली कटने से कर्मचारी और उनके परिवारीजनों ने समझा कि कटौती हुई है लेकिन जब सुबह तक बिजली नहीं आई तब पता चला कि बकाया के चलते बिजली काटी गई है। इस पर कर्मचारी भड़क उठे।
कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता नवम मंडल केएन यादव के मोबाइल पर संपर्क साधने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सियाराम शुक्ल और उपाध्यक्ष जमील अहमद खां की अगुवाई में कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया। पूरे दिन सिंचाई कार्यालयों में ताले लटकते रहे, कामकाज नहीं हुआ।
अध्यक्ष सियाराम का कहना है कि सात नवंबर को मुख्यमंत्री के पौधरोपण कार्यक्रम का भी बहिष्कार किया जाएगा। मंत्री इरशादुल हक का कहना है कि प्रतिमाह कर्मचारियों के वेतन से बिजली बिल का पैसा काट लिया जाता है लेकिन जान बूझकर विभाग जमा नहीं कर रहा है।
सभी ने कहा कि जब तक बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी तब तक कार्य बहिष्कार चलेगा। इस मामले में कल्पीपारा कॉलोनी परिसर में कर्मचारियों ने सभा भी की।
इस दौरान रामलखन, सालिकराम दूबे, रामकुमार, बंशीधर, सगीर अहमद, विनोद कुमार, जूनियर इंजीनियर संघ के सीताराम, गुलाब चंद्र, महेंद्र नाथ यादव, राधेश्याम, हरीशचंद्र, मनीष कुमार यादव आदि मौजूद रहे।