बहराइच। तराई में रविवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह से तेज हवा के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक के बीच बूंदाबांदी हुई। हालांकि दोपहर बाद मौसम साफ हो गया और चटख धूप निकल आई। इस समय खेतों में गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों, लाही सहित कई दलहनी और तिलहनी फसलें पक कर तैयार हैं। ऐसे में तेज हवा और बारिश से फसलों के गिरने व खराब होने का खतरा मंडराने लगा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जिले के पयागपुर, विशेश्वरगंज, बाबागंज, नानपारा, मिहींपुरवा, महसी, कैसरगंज सहित कई इलाकों में रविवार सुबह धूल भरी आंधी चलने के बाद बूंदाबांदी हुई, जिससे किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित नजर आए। किसानों का कहना है कि जब फसलों को पानी की जरूरत थी, तब बारिश नहीं हुई, लेकिन अब कटाई के समय मौसम का बदला मिजाज परेशानी बढ़ा रहा है।
किसान पंकज मिश्रा, शिवगोपाल पांडेय, अनूप पांडेय, अजय कुमार मिश्रा, प्रफु्ल्ल पाठक, प्रमोद कुमार, अनिल विश्वकर्मा, विजय कुमार मिश्रा, देव कुमार मिश्रा, राजेश कुमार विश्वकर्मा, लोकनाथ विश्वकर्मा, राममूर्ति पांडेय, पिंटू दुबे और शाहिद आदि ने बताया कि अगर बारिश तेज हुई, तो तैयार फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
बाबागंज क्षेत्र के किसान आनंद प्रकाश, रामकुमार शर्मा, अंसार बाबू, मोहम्मद अख्तर और बलबीर सिंह ने बताया कि आम के पेड़ों में इस समय बौर आ चुके हैं। सरसों व दलहनी फसलें पकने की अवस्था में हैं। फिलहाल हल्की बारिश से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन यदि मौसम लगातार खराब रहा, तो फसलों पर विपरीत असर पड़ सकता है। किसान अब मौसम साफ रहने की दुआ कर रहे हैं ताकि उनकी मेहनत की फसल सुरक्षित घर तक पहुंच सके।
किसान क्या करें, क्या न करें
कृषि विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसबी सिंह के अनुसार मौसम खराब होने की स्थिति में किसान खेतों में पानी का उचित निकास बनाए रखें। जहां फसल पक कर तैयार हो चुकी है, वहां जल्द कटाई कर सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें। तेज हवा और बारिश की आशंका को देखते हुए कटाई के बाद फसल को ढककर रखें, ताकि नुकसान कम हो सके।
खेत में ज्यादा देर तक न छोड़ें फसल
कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि गेहूं, सरसों और दलहनी फसलों की कटाई के समय सावधानी बरतना जरूरी है। बारिश की संभावना होने पर कटाई के बाद फसल को खेत में ज्यादा देर तक न छोड़ें। भंडारण से पहले अनाज को अच्छी तरह सुखा लेना चाहिए, ताकि नमी के कारण खराब होने से बचाया जा सके।
इस समय बरतें ये सावधानी
- तेज हवा और बारिश से बचाव करें।
- समय पर कटाई की तैयारी करें।
- खेत में पानी जमा न होने दें।
- कीट व रोग पर निगरानी रखें।
- कटाई के बाद सुरक्षित भंडारण करें।
अभी मौसम में रहेगा उतार-चढ़ाव
अचानक बदले मौसम के मिजाज से रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते तराई का मौसम अचानक बदला है। उन्होंने कहा कि आगामी तीन दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव के संकेत मिल रहे हैं।