रुपईडीहा। भारत–नेपाल सीमा स्थित नेपालगंजरोड रेलवे स्टेशन पर बुधवार को भारतीय रेलवे की टीम ने सुरक्षा और तकनीकी मानकों की गहन जांच की। टीम के निरीक्षण से क्षेत्रीय लोगों में जल्द ही ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद एक बार फिर प्रबल हो गई है।
बुधवार को निरीक्षण यान से पहुंची रेलवे की तकनीकी टीम ने नेपालगंजरोड स्टेशन पर ब्रॉडगेज ट्रैक और ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) सिस्टम का बारीकी से परीक्षण किया। इस दौरान पटरियों की मजबूती, रेल फिटिंग, ओएचई लाइन की गुणवत्ता, सिग्नलिंग सिस्टम, सुरक्षा संकेतक, प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर की संरचनाओं की जांच की। निरीक्षण यान को ट्रैक पर चलाकर वास्तविक परिस्थितियों में पटरियों की स्थिरता और बिजली आपूर्ति की कार्यक्षमता भी परखी गई।
रेलवे सूत्रों के अनुसार यह निरीक्षण रेलवे की सुरक्षा प्रक्रिया का एक अहम चरण है, जिसका उद्देश्य भविष्य में ट्रेन संचालन से पहले सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों को पूरी तरह संतोषजनक सुनिश्चित करना है। निरीक्षण टीम में इंजीनियर एपी नौविक, इंजीनियर रविंद्र कुमार, एबी सिंह, जगदीश प्रसाद, कृष्ण मिश्रा, सईद आलम, विनोद कुमार और सुरेश कुमार शामिल रहे।
पांच अक्तूबर को भी हो चुकी है जांच
रुपईडीहा–नेपालगंजरोड सेक्शन पर ब्रॉडगेज रेल लाइन का विस्तार बीते वर्ष पूरा किया गया था। इस परियोजना के अंतर्गत 55 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के साथ नया स्टेशन भवन और प्लेटफार्म बनाया गया है। इससे पहले पांच अक्तूबर 2025 को रेलवे टीम द्वारा सुरक्षा निरीक्षण और स्पीड ट्रायल किया गया था, जिसमें ट्रेन की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई थी। इसके अतिरिक्त रेलवे के उच्चाधिकारियों द्वारा प्री-सीआरएस और सीआरएस की प्रक्रिया भी पूर्ण की जा चुकी है।
पहले भी कई बार हो चुका निरीक्षण
नेपालगंजरोड रेलवे स्टेशन से फिलहाल नियमित ट्रेन सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। स्टेशन के निर्माण के बाद विभिन्न विभागों की टीमें कई बार सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जांच कर चुकी हैं, लेकिन अब तक रेलवे प्रशासन की ओर से ट्रेनों के संचालन की तिथि को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, इस बार की तकनीकी जांच के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि 10 जनवरी से ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकता है। संभावित ट्रेन सेवा को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।