बहराइच। चीन निर्मित मांझे की तलाश में शुक्रवार को पूरे जिले में पुलिस ने छापा मारा। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस ने तेजी दिखाई और कोतवाली नगर से लेकर अन्य थानों की पुलिस ने पूरे दिन पतंग की दुकानों पर दबिश दी। इस दौरान कई पतंग विक्रेता दुकान बंद कर भाग गए। इस दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की बरामदगी की सूचना नहीं है।
कोतवाली नगर की पुलिस ने छोटी बाजार, बशीरगंज, काजीपुरा, खत्रीपुरा, ब्राह्मणीपुरा समेत कई मोहल्लों में पतंग विक्रेताओं के यहां दबिश दी। इस दौरान किसी भी दुकान से किसी भी प्रकार की बरामदगी की सूचना नहीं है। कुछ दुकानदारों ने बताया कि हम लोग सड़क किनारे दुकान लगाकर पतंग, डोरी और चरखी बेचते हैं।
पहले भी चीन निर्मित मांझे से लोगों के घायल होने की सूचना थी, इसलिए हम सभी ने कभी नहीं बेचा। यह पूछे जाने पर कि जब नहीं बेचा जा रहा है, तो फिर यह मांझा आता कहां से है। दुकानदारों ने बताया कि बशीरगंज तथा काजीपुरा के कुछ फुटपथिया दुकानदार इस काम को करते हैं। इनकी दुकान स्थायी नहीं होती है। इस पर थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि अब ऐसे दुकानदारों पर विशेष नजर रहेगी। किसी भी दशा में चीनी मांझा नहीं बिकने दिया जाएगा।
नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार लखनऊ की घटना को देखते हुए तथा मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के तहत शुक्रवार को नवाबगंज की पुलिस काफी सख्त दिखी और पतंग की दुकानों पर मांझे की दुकानों पर छापे मारे गए। क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार वर्मा के नेतृत्व में टीम ने कस्बे में स्थित तीन पतंग की दुकानों पर छापे मारे, लेकिन कहीं भी चीन निर्मित मांझा नहीं मिला।
दुकानदारों को इंस्पेक्टर अशोक वर्मा ने हिदायत दी की चीन निर्मित मांझा नहीं रखना है, वरना सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा कस्बे में पतंगबाजों पर भी नजर रखी गई। कहीं कोई चीन के मांझे से पतंग उड़ाते हुए नहीं मिला।
इसी तरह दरगाह, पयागपुर, कैसरगंज, फखरपुर, नानपारा, विशेश्वरगंज, जरवल तथा हुजूरपुर आदि थाना क्षेत्रों में भी पतंग विक्रेताओं के यहां दबिश दी गई।