नेपाल पुलिस ने दो भारतीय वाहनों में तस्करी का माल बताकर उसे सीज कर दिया। इससे नेपाल के क्लीयरिंग एजेंट हड़ताल पर चले गए हैं। क्लीयरिंग एजेंट के हड़ताल के चलते आयात और निर्यात होने वाली वस्तुओं से लदे वाहन सीमा पर फंस गए हैं। सीमा पर लगभग 200 की संख्या में भारतीय वाहन फंसे हुए हैं। वहीं समस्या का समाधान न होने से पंजाब, दिल्ली, वाराणसी से वाहन लेकर आए चालक परेशान हैं।
भारत से दो ट्रक खाद्यान्न को लेकर नेपाल जा रहे थे। तभी नेपाल पुलिस ने सीमा में प्रवेश करते ही ट्रक पर लदे सामान को तस्करी का बताकर सीज कर दिया। इससे नेपाल के क्लीयरिंग एजेंट भड़क गए। क्लीयरिंग एजेंट का कहना है कि भारत से निर्यात किए गए वस्तुओं के सभी अभिलेख मौजूद हैं।
इसके बावजूद नेपाल पुलिस मनमानी पर अमादा है। ट्रकों के न छोड़े जाने से क्लीयरिंग एजेंट हड़ताल पर चले गए हैं। चार दिनों से भारत से नेपाल जाने और नेपाल से आने वाली वस्तुओं से लदे वाहन दोनों ओर खड़े हैं। सीमा पर लगभग 200 की संख्या में पंजाब, दिल्ली, वाराणसी, हिमाचल प्रदेश के ट्रक व चालक फंसे हुए हैं।
नेपाल भंसार संमिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार बानिया ने बताया कि नेपाल पुलिस के द्वारा कस्टम कार्यालय के पास में सामान से लदे खड़े दो भारतीय वाहनों को जबरदस्ती से लावारिस दिखाकर उसे तस्करी के आरोप में सीज कर दिया।
इसके विरोध में हम सभी किसी भी सामान का भंसार (कस्टम) नहीं होने दे रहे हैं। जब तक इसका सही फैसला नहीं किया जाएगा। तब तक हड़ताल चलेगी। नेपाल के भंसार (कस्टम) अधीक्षक राजेंद्र हमाल से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्लांट प्रोडक्ट वस्तुओं का बीएसए टेस्ट होता है।
बिना टेस्ट के वाहनों को पास नहीं दिया जाता है। जो वाहन यहां पर खड़े थे, उनका बीएसए पास कराने प्लांट क्वारीटाइन विभाग के पास सैंपल गया हुआ था। उन्हीं दोनों वाहनों को नेपाल पुलिस लेकर गई है, जिसे तस्करी दिखाया गया है।
यह पूर्णतया गलत है। नेपाल के एसएसपी धीरू बसनेत का कहना है कि यह वस्तुएं भारत से तस्करी करके लाई गई थीं। इनके पास कागजात नहीं थे।