बहराइच। जरवल नगर पंचायत में लखनऊ की एक फर्म ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भविष्य निधि में लाखों का घोटाला कर लिया है। कर्मियों की शिकायत पर जब नगर पंचायत की ईओ ने जांच कराई, तो घोटाले का खुलासा हुआ। ईओ अब कंपनी के जिम्मेदार को पत्र भेजकर तत्काल धनराशि जमा कराने को कहा है। धनराशि जमा न करने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
जरवल नगर पंचायत में लखनऊ की एक फर्म को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से नगर पंचायत में कार्य करने के लिए ठेका मिला हुआ था। आउटसोर्सिंग कंपनी ने बीते दिसंबर माह से अप्रैल तक ईपीएफ चालान के माध्यम से भविष्य निधि की धनराशि जमा कर वाउचर दर्शाते हुए एक कूटरचित अभिलेख नगर पंचायत प्रशासन को उपलब्ध करा दिया। इसकी शिकायत कर्मचारियाें ने ईओ से की थी। ईओ ने जब इसकी जांच कराई, तो ईपीएफ चालान की कुल धनराशि 10 लाख 10 हजार 584 रुपये के मुकाबले दो लाख 24 हजार 527 रुपये की धनराशि कर्मचारियों के खाते में जमा कराई, जबकि कंपनी ने 7,85,988 रुपये की धनराशि गबन कर कूटरचित अभिलेख बनाकर नगर पंचायत प्रशासन को सौंप दिया गया। इसके अलावा कंपनी ने मई 2024 से अक्तूबर 2024 कर्मचारियों के भविष्य निधि का 13 लाख 60 हजार 188 रुपये की धनराशि भी नहीं जमा कराई। इसका खुलासा होने पर अब ईओ खुशबू यादव ने आउटसोर्सिंग कंपनी के जिम्मेदार को नोटिस जारी किया है।
इओ ने नोटिस में कहा है कि कंपनी के सौंपे गए ईपीएफ चालान कूटरचित है। उन्होंने कंपनी के जिम्मेदार को माह दिसबंर 2023 से अक्तूबर 2024 तक कर्मचारियों के भविष्य निधि की सभी धनराशि खाते में जमा करने के निर्देश दिए है। धनराशि जमा करने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी है।