जिला कारागार के नासाज मरीजों के लिए सुखद खबर है। अब उन्हें इलाज कराने जिला अस्पताल नहीं आना पड़ेगा। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से कारागार प्रशासन को सहूलियत मिली है।
जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर जिला अस्पताल के पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी यहां लगाई गई है। हफ्ते में पांच दिन डॉक्टर दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक बीमार बंदियों का इलाज करेंगे। सीएमएस ने निर्देशों का पालन करते हुए ड्यूटी रोस्टर तय कर दिया है।
जिला कारागार के अस्पताल में मेडिकल स्टाफ के साथ संसाधनों की भारी कमी है। इसका खामियाजा बंदियों को भुगतना पड़ता है।
सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार व उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर यहां दवा खाने से बीमारी तो दूर हो जाती है लेकिन गंभीर परिस्थितियों में बंदी को तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
ऐसे में बंदी की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बंदी रक्षकों को 24 घंटे मुस्तैद रहना पड़ता है। कई बार अस्पताल से बंदी भाग चुके हैं।
ऐसे में जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर स्वास्थ्य महकमे ने जिला कारागार में नियमित रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ माहेश्वरी पांडेय का कहना है कि पांच डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। ये डॉक्टर दोपहर दो से बजे से शाम पांच बजे तक कारागार में मरीजों का इलाज करेंगे। विषम परिस्थितियों में ही बीमार बंदी को अस्पताल लाया जाएगा।
ये डॉक्टर रहेंगे तैनात
दिन चिकित्सक
सोमवार डॉ. बीएल तिवारी, फिजीशियन
मंगलवार डॉ. आरके बसंत, सर्जन
बुधवार डॉ. इदरीश, नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ
गुरुवार डॉ. संजीव कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ
शुक्रवार डॉ. मुकेश जिंदल, त्वचा रोग विशेषज्ञ