बीएसए ने मंगलवार को विकास खंड जरवल के विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान बड़े पैमाने पर अव्यवस्था मिली। कई शिक्षक बेपरवाह दिखे। वहीं, एक प्रधानाध्यापिका अनुपस्थित थी। इस पर उसे निलंबित करते हुए अन्य से स्पष्टीकरण तलब करते हुए नौ शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है।
बीएसए डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय झुकिया का निरीक्षण करने पर यहां नामांकित 116 छात्रों के सापेक्ष 18 छात्र उपस्थित मिले। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापिका सरिता देवी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका वेतन रोक दिया।
बीएसए ने बताया कि इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी से वार्ता की गई तो उन्होंने भी शिक्षिका के मामले में अनभिज्ञता जताई। बीएसए ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय घाघराघाट का मुआयना करने पर यहां 355 छात्रों के सापेक्ष महज 48 छात्र उपस्थित मिले।
अन्य दिनों में 298 छात्र उपस्थिति दर्शायी गयी है, जो स्वीकार करने योग्य नहीं है। इससे विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक कृष्णपाल, सहायक अध्यापक मीना मिश्रा का वेतन रोक दिया गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुंडासर का मुआयना करने पर यहां भी महज 12 छात्र मिले।
शिक्षकों की लापरवाही नजर आई। इस कारण प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र यादव, सहायक अध्यापक साधना सिंह, कंचनलता का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई। जूनियर विद्यालय तपेसिपाह के निरीक्षण में भी प्रधानाध्यापक उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर बनाकर नदारद मिले। छात्र भी महज 22 उपस्थित मिले। इससे प्रधान शिक्षक हरीशचंद्र, सहायक शिक्षिका शमशा कमर, रीता सिंह का वेतन रोक दिया गया है। ी।