कैसरगंज (बहराइच)। कैसरगंज के रामकृष्ण परमहंस पीजी कॉलेज की प्रबंध समिति ने प्रस्ताव लाते हुए गबन के आरोप में प्राचार्य को निलंबित कर दिया है। तीन सदस्यीय जांच समिति का भी प्रबंध समिति ने गठन किया है। प्राचार्य ने समिति के कार्यकाल पूरा होने के कारण निलंबन को अवैध बताया है। कुलपति व जिला प्रशासन को पत्र भेजने की भी बात कही है।
रामकृष्ण परमहंस पीजी कॉलेज कैसरगंज की प्रबंध समिति की ओर से शुक्रवार को बैठक की गई। प्रबंधक राजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीरज बाजपेई पर 2017-18 में 10 लाख ओर 2018-19 में 12.90 लाख रुपये का दुरुपयोग किए जाने की पुष्टि हुई।
जिसके बाद प्रबंध समिति की ओर से प्राचार्य को निलंबित करने के प्रस्ताव को सर्व सम्मति से पारित किया गया। निलंबन की जांच के लिए समिति के सदस्य चंद्रभान सिंह संचित, रामस्वरूप पारिख व मोहम्मद छब्बन की तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया है। प्रबंध समिति ने पूरे मामले को कुलपति और कुलसचिव को भेजा है।
उधर, प्राचार्य डॉ. नीरज बाजपेई का कहना है कि प्रबंध समिति का कार्यकाल 29 मार्च 2019 को समाप्त हो चुका है। ऐसे में प्रबंध समिति का निर्णय असंवैधानिक है। पूरे मामले को कुलपति को जांच के लिए पहले ही भेजा जा चुका है। जिला प्रशासन को भी इस संबंध में पत्र जारी किए जा चुके हैं। उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।