रुपईडीहा। बहराइच से नेपाल सीमा को जोड़ने वाली बिसवरिया-रुपईडीहा सड़क के चौड़ीकरण की तैयारी तेज हो गई है। एनएच-927 के 53.847 किमी लंबे हिस्से की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। इसके लिए प्रस्तावित मार्ग में आने वाले गांवों के राजस्व नक्शे और जमीन के रिकॉर्ड मांगे गए हैं।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने चार अगस्त 2026 को संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर एनएच-927 के किमी संख्या 99.000 से 152.847 तक आने वाले गांवों के राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए कहा है। डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी एम/एस थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है।
रिकॉर्ड के आधार पर सड़क के लिए आवश्यक जमीन का आकलन किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत आगे की कार्यवाही के लिए प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा। डीपीआर कंपनी के अनुसार एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी से सड़क के एलाइनमेंट को मंजूरी मिल चुकी है।
एनएच-927 के अवर अभियंता विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि बाईपास बनेगा या इंडो-नेपाल फ्रेंडशिप गेटवे की ओर जाने वाली मौजूदा सड़क को चौड़ा किया जाएगा, यह डीपीआर पूरा होने के बाद स्पष्ट होगा। डीपीआर में सड़क की चौड़ाई, विस्तार वाले हिस्से और उपलब्ध सरकारी जमीन का आकलन किया जाएगा।
इन गांवों के रिकॉर्ड मांगे गए
बिसवारिया, झांसा, सोहरवा, रसूली चक, बेगमपुर, भगवानपुर माफी, मालुवा भकुरहा, बंगला, बभनी, जगाधर भर, बिछला, फुलवरिया माफी, किशुनपुर माफी, भोपालपुर चौकी, करौंदा, लौकी, खुदाद भरी, लालपुर शिवपुर, गौरा धनौली, नानपारा ताजपुर, रघुनाथपुर, गुलाल पुरवा, कोयलहवा, मझौवा भुलौरा, सिसवारा, परसा अगैया, तुलसीपुर, भवनियापुर टिकुरी, गवर्खा, कलवारी, बरगदहा चिलबिला, जमुनहा बाबागंज, दुविधापुर, सोरहिया, जैतापुर और नानपारा केवलपुर।