बहराइच। तेज आंधी और बारिश से ध्वस्त हुई बिजली व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने में अभी करीब 10 दिन लग सकते हैं। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने महसी तहसील क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने में इतना समय लगने की जानकारी उपभोक्ताओं के ग्रुप में साझा की है। वहीं, नवाबगंज क्षेत्र में नंदा गांव विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब ढाई लाख उपभोक्ता एक सप्ताह से बिजली संकट झेल रहे हैं। हुजूरपुर विकासखंड मुख्यालय समेत दर्जनों गांवों में भी आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है।
आंधी-पानी में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हुई थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में मरम्मत का काम लगातार चल रहा है। जहां अधिक संख्या में खंभे गिरे हैं, वहां आपूर्ति बहाल करने में समय लग रहा है। बिजली नहीं होने से पेयजल व्यवस्था के साथ मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित है।
नवाबगंज के रामनगर सेमरा, हरबंसी, महलिया, उमरी, ढोड़े, हरिहरपुर, चौगड़वा, फटपुरवा, कहारनपुर, बाबागांव, बक्सी गांव, महादेवा, धोबाही, सतीजोर और चनैनी समेत कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। मोबाइल टावरों के संचालन पर भी असर पड़ा है। टावरों के जनरेटर के लिए डीजल की कमी से कई घंटे नेटवर्क कमजोर या बाधित रहता है। इससे फोन और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हैं। ग्रामीण पेयजल संकट से भी जूझ रहे हैं।
ग्रामीण ओमप्रकाश, राधेश्याम, अनिल कुमार, राजेश, नफीस अहमद, वसीम अहमद और शरीफ अहमद ने बताया कि उन्हें 20 रुपये देकर मोबाइल चार्ज करवाना पड़ रहा है। नवाबगंज के अवर अभियंता शंभूनाथ ने बताया कि विद्युत लाइनों और खंभों को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। बृहस्पतिवार सुबह तक आपूर्ति बहाल करने का प्रयास है।
हुजूरपुर में 33 केवी लाइन दुरुस्त होने का इंतजार
हुजूरपुर विकासखंड मुख्यालय और दर्जनों गांवों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित है। चिरैयाटांड़ और रंजीतपुर पावर हाउस से क्षेत्र को आपूर्ति मिलती है। अवर अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि रंजीतपुर पावर हाउस की आपूर्ति बहाल हो गई है, जबकि चिरैयाटांड़ पावर हाउस की आपूर्ति बुधवार रात तक बहाल होने की उम्मीद है। 33 केवी लाइन ठीक होने के बाद गांवों में क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त किया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रहा काम
अधीक्षण अभियंता नवीन चंद्र प्रसाद ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार मरम्मत कार्य चल रहा है। 50 फीसदी से अधिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति दुरुस्त हो चुकी है। जहां अधिक संख्या में खंभे गिरे हैं, वहां काम जारी है।