बहराइच। बहराइच-गोंडा रेल प्रखंड पर पयागपुर-विशेश्वरगंज रेलवे स्टेशन के बीच चैसार के पास व चित्तौरा विकासखंड के नगरौर में हाॅल्ट बनने की संभावना तेज हो गई है। पांच साल पुराने प्रस्ताव पर एक बार फिर रेलवे की मंडलीय टीम ने सर्वे किया है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है। चैसार के पास हाॅल्ट बनने से अंडर पास में होने वाले जलभराव से लोगों को राहत मिलेगी और राह आसान होगी।
चित्तौरा विकासखंड के नगरौर व उसके आसपास के ग्रामीणों को रेल सेवा के लिए बहराइच या फिर चिलवरिया रेलवे स्टेशन की दौड़ लगानी पड़ती है। वहीं पयागपुर व विशेश्वरगंज के बीच स्थित दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का भी यही हाल है और इन्हें भी पयागपुर व विशेश्वरगंज रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है। ग्रामीण कई सालों से यहां हाॅल्ट बनाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग पर पांच साल पूर्व दोनों स्थानों पर हाॅल्ट बनाने की कवायद शुरू हुई थी, लेकिन फिर ठंडे बस्ते में चली गई।
रघुरामपुर गांव के सामने बने अंडरपास में साल के नौ महीने रहने वाले जलजराव से परेशान ग्रामीण लगातार हाॅल्ट की मांग कर रहे हैं। इसे देखते हुए एक बार फिर रेलवे की मंडलीय टीम ने हॉल्ट बनाने को लेकर सर्वे शुरू किया है। इससे रघुरामपुर, सोहेलवा, बलिदान पुरवा, जैसौरा, परागपुरवा, कन्नापुर, मनिकापुर, रानीपुर, गंगवल समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीणों में जलभराव से निजात व सुगम रेल परिवहन की उम्मीद जगी है। ग्रामीण कृपाराम शुक्ला, पंकज कुमार, सुजीत कुमार, बृजेश कुमार, पप्पू शुक्ला, आशुतोष, लाल शुक्ल आदि ने रेल विभाग के इस पहल पर प्रसन्नता जाहिर की है। सुहेलवा के प्रधान प्रतिनिधि अजय तिवारी, चैसार के संजय सिंह, चितौरा के नगरौर की ग्राम प्रधान परवीन जहां आदि ने रेलवे बोर्ड को पत्र भेजकर हाॅल्ट बनाए जाने की मांग की थी।
पांच साल पूर्व हॉल्ट बनाने को सर्वे हुआ था। वर्तमान में विधीक्षा के लिए प्रक्रियाधीन है।
पंकज सिंह, जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे