लोकसभा चुनाव के मतदान के लिए रविवार को शहर के गल्ला मंडी परिसर से पोलिंग पार्टियों को अव्यवस्था के बीच रवाना किया गया। दोपहर में तपिश और प्यास से कर्मचारी बेहाल दिखे। नि:शक्तों और महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस की कमी के चलतेे ट्रकों द्वारा पोलिंग पार्टियों की जैसेे-तैसे रवानगी की गई। सबसे अधिक दूरी पर स्थित भरथापुर मतदान केंद्र पर पोलिंग पार्टी को पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कर्मचारी गेरुआ नदी पैदल पार कर केंद्र तक पहुंचे।
जिले में कुल 1377 मतदान केंद्र और 2812 बूथ लोकसभा चुनाव केे लिए बनाए गए हैं। इनमें बहराइच संसदीय क्षेत्र अंतर्गत पांच विधानसभा क्षेत्रों मेें स्थित 882 मतदान केंद्रों के 1942 बूथ व कैसरगंज आंशिक संसदीय क्षेत्र के 495 मतदान केंद्रों पर बनाए गए 870 बूथ पर सुबह सात बजे मतदान शुरू होगा। इसके लिए गल्लामंडी परिसर दरगाह से रविवार को पोलिंग पार्टियों को अव्यवस्था के बीच रवाना किया गया।
जिलाधिकारी शंभु कुमार, कार्मिक प्रभारी अरविंद चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी राम सुरेश वर्मा की मौजूदगी में पोलिंग पार्टियों को ईवीएम व चुनावी अभिलेेख सौंपे गए। दोपहर में जब पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के लिए बसों केे नंबर की घोषणा की जा रही थी। तभी तेजवापुर क्षेत्र की एक शिक्षिका गर्मी के चलते गश खाकर गिर गयी। उसे सहयोगी कर्मचारियों ने संभाला, जिससे अफरा तफरी मच गई।
150 से अधिक पोलिंग पार्टियों को ट्रकों द्वारा बूथों के लिए रवाना किया गया। इन पोलिंग पार्टियों में शामिल महिलाओं को दिक्कतें उठानी पड़ीं। सबसे अधिक दिक्कत पेयजल की रही। सिर्फ दो हैंडपंप स्थापित होने से लोगों के हलक सूखते रहे। गहमागहमी के बीच पोलिंग पार्टियां रवाना की गईं। अव्यवस्था से नि:शक्त कर्मियों को भी दिक्कतें हुईं।
वाहनों की छांव में बैठे दिखे कर्मचारी : गल्लामंडी परिसर में अव्यवस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रिजर्व में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी थी। उन्हें छांव तक नसीब नहीं हुई। ट्रक और बसों के नीचे कर्मचारी छांव तलाशते दिखे।