मिहींपुरवा। कस्बे के मुख्य बाजार में सराफा व्यापारी चंद्रमोहन सोनी को धमकी भरा पत्र और कारतूस भेजकर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में बृहस्पतिवार शाम से देर रात तक पुलिस गोपिया बैराज मार्ग पर मुस्तैद रही, लेकिन फिरौती लेने वाले नहीं आए। हालांकि इस दौरान सराफा व्यवसायी का परिवार काफी दहशत में रहा।
सराफा व्यापारी चंद्रमोहन सोनी को मिले धमकी भरे पत्र में अपने को लारेंस विश्नोई गैंग का सदस्य बताने वालों ने बृहस्पतिवार शाम 7:30 बजे तक रकम पहुंचाने की डेडलाइन तय की थी, इसके चलते पुलिस ने शाम सात बजे से ही मार्ग पर पूरे इलाके में कड़ी घेराबंदी कर दी थी।
शाम होते ही पुलिस और खुफिया टीमें सक्रिय हो गईं। गोपिया बैराज मार्ग सहित आसपास के संभावित स्थानों पर हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी गई, लेकिन देर रात तक कोई भी संदिग्ध व्यक्ति सामने नहीं आया। इस दौरान व्यापारियों में भी दहशत का माहौल बना रहा और कई लोग पुलिस की कार्रवाई देखते रहे।
सीओ प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि पुलिस पूरी रात अलर्ट रही, हर पहलू पर जांच की जा रही है। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। अभी भी पुलिस की कई टीमें अलग-अलग दिशा में जांच में जुटी हुई हैं।
सर्विलांस टीम का भी लिया जा रहा सहारा
थानाध्यक्ष आनंद चौरसिया ने बताया कि अब तक 65 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस संदिग्ध लोगों की पहचान करने में जुटी है। सर्विलांस टीम का भी सहारा लिया जा रहा है।
फुटेज में दिख रहा सिर्फ हाथ
जांच में सामने आया है कि सराफा व्यापारी की दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में एक व्यक्ति का सिर्फ हाथ दिखाई दे रहा है, जो लिफाफा डालते हुए नजर आ रहा है। चेहरा स्पष्ट न होने के कारण आरोपी की पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
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दो नंबरों से कई बार आए थे कॉल
सराफा कारोबारी को धमकी भरा पत्र मिलने के बाद उसके मोबाइल पर दो नंबरों से कई बार कॉल कर पुलिस को सूचना न देने के लिए दबाव डाला गया था। पुलिस उन नंबरों की भी पहचान करने की कोशिश में जुटी है।