बिछिया (बहराइच)। सुजौली थाना क्षेत्र के दो गांवों में लगभग दो माह से कुछ लोगों की ओर से ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार करते हुए करीब 142 परिवारों को ईसाई धर्म में शामिल कर लिया गया। इसकी भनक खुफिया एजेंसियों के साथ ही प्रशासन को लगी। जिस पर रविवार की सुबह सुजौली पुलिस ने दोनों गांवों में छापा मारा। हालांकि यहां पर ईसाई मिशनरी से जुड़े लोग नहीं मिले, मगर परिवारों के ईसाई धर्म अपनाने की पुष्टि हुई। हिंदू धर्म के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाते हुए पुन: हिंदू धर्म अपनाने पर जोर दिया गया।
विकास खंड मिहींपुरवा अंतर्गत सुजौली थाना क्षेत्र के फकीरपुरी व विशुनापुर गांव में पड़ोसी देश नेपाल के ईसाई मिशनिरी से जुड़े कुछ लोग थारू समाज के परिवारों के बीच ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे थे। करीब दो माह से यहां पर ईसाई मिशनरियां सक्रिय थीं। खुफिया एजेंसियों को इसकी सूचना मिली। एसपी को भी जानकारी हुई।
एसपी के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक रामजी सिंह गांव पहुंच गए। पूछताछ के दौरान 142 परिवारों के ईसाई धर्म स्वीकार किए जाने की पुष्टि हुई। सूचना मिलने पर हिंदू संगठनों के लोग पहुंचे। भाजपा के वरिष्ठ नेता घूरे प्रसाद मौर्य व चफरिया मंडल अध्यक्ष राजेश गुप्ता गांव पहुंचे। लोगों के साथ पुलिस व हिंदू संगठनों ने बैठक की, जिसमें ग्रामीणों को पुन: हिंदू धर्म अपनाने पर जोर दिया गया।
छोटकीपुरवा में 60 परिवार बने ईसाई
ग्राम पंचायत विशुनापुर के ग्राम प्रधान पति भोंदूराम ने बताया कि ग्राम पंचायत के मजरा छोटकीपुरवा में करीब 60 परिवारों ने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया गया है। उधर, भाजपा नेता राम मिलन का कहना है कि धर्म परिवर्तन की आंच फकीरपुरी और विशुनापुर के साथ ही पड़ोसी गांव, बर्दिया, रमपुरवा मटेही व कारीकोट में भी फैल चुकी है। इसेे रोके जाने की जरूरत है।
पहले अपनाया, अब कर रहे प्रचार प्रसार
धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों द्वारा अब ईसाई धर्म को आगे बढ़ाने का भी काम किया जा रहा है। फकीरपुरी गांव निवासी करोड़ी पुत्र विद्याराम, विशुनापुर के जीवनलाल पुत्र सुखराम और लालजी पत्नी पूरन प्रचारक बनकर लोगों को ईसाई धर्म में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी गई है। उनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।