बहराइच। सावन के पहले सोमवार को जिला बम-बम भोले, हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा, लेकिन इस बार भक्तों की गूंज शिवालयों में नहीं उनके घरों से उठी। सोमवार को सुबह श्रद्धालु जलाभिषेक करने के लिए मंदिर पहुंचे तो मंदिर द्वार से 200 मीटर पहले ही पुलिस का पहरा लगा रहा। सभी श्रद्धालुओं से घर पर ही जलाभिषेक करने की अपील पुलिस ने की। शहर के सभी प्राचीन मंदिरों में पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर भक्तों को रोकने के लिए मुस्तैद रही। बोल बम के जयकारे के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने बिना विवाद किए अपने घर जाकर जलाभिषेक किया और देश को कोरोना मुक्त बनाने की कामना की।
सनातन धर्म में सावन मास का विशेष महत्व होता है। सावन को भगवान शंकर की आराधना का महीना माना गया है। ऐसी मान्यता है कि सावन मास के सोमवार को भोलेनाथ के पूजन-अर्चन से भक्तों की सभी मनोकामना पूरी होती हैं। इस बार देश में फैले कोरोना बीमारी के चलते शहर के प्रसिद्ध सिद्धनाथ मंदिर, मरीमाता माता मंदिर व छोटी बेरिया मंदिर को बंद रखा गया। सुबह चार बजते ही श्रद्धालु जलाभिषेक करने के लिए मंदिर पहुंचे, लेकिन मंदिर के बाहर पुलिस का बैरिकेडिंग होने का कारण वापस लौटना पड़ा। इस बार भले ही श्रद्धालु मंदिर में जलाभिषेक के लिए नहीं पहुंच पाए, लेकिन पूरा जिला भगवान शिव की भक्ति में रंगा नजर आया।
सोमवार सुबह चार बजे ही घरों से हर-हर महादेव व बम भोले की गूंज सुनाई देनी लगी। भक्तों ने अपने घरों में विधिविधान से पूजन-अर्चन किया। भगवान शिव का रूद्राभिषेक व जलाभिषेक कर भक्तों ने देश के साथ परिवार की खुशहाली की कामना की। इसके अलावा फखरपुर, कैसरगंज, जरवलरोड, राजी चौराहा, हरदी, बौंडी, महसी, खैरीघाट, नानपारा, खैरीघाट, नवाबगंज, रूपईडीहा, मटेरा, पयागपुर, विशेश्वरगंज समेत अन्य स्थानों पर भी श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में जलाभिषेक किया। रिसिया के इंदिरा नगर स्थित शिव मंदिर पर सुबह से ही जलाभिषेक होता रहा। शिवभक्तों ने आस्था व श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना की।
मंत्री व विधायकों ने भी किया जलाभिषेक
सावन के पहले सोमवार को कोरोना के चलते सभी लोगों ने घरों में पूजा-पाठ किया। सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, पूर्व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल, पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, महसी विधायक सुरेश्वर सिंह, बलहा विधायक सरोज सोनकर, नानपारा विधायक माधुरी वर्मा व बलहा विधायक प्रतिनिधि आलोक जिंदल ने भी अपने-अपने घरों में जलाभिषेक कर भगवान शिव की आराधना की।