बहराइच/विशेश्वरगंज/हुजूरपुर। आधार कार्ड बनाने व अपेडट करवाने वालों की संख्या लाखों में है, लेकिन इसे बनाने वाले केन्द्रों की संख्या सीमित है। जिसके चलते जिले में आधार कार्ड की समस्या बढ़ती जा रही है। नेटवर्क की खराबी समस्या को और बढ़ा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों को हो रही है।
विशेश्वरगंज विकासखंड में बीआरसी में पांच से 14 वर्ष के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा रहा है। आधार कार्ड बनाने की गति बहुत कम है। जिसके चलते बीआरसी पर प्रतिदिन भीड़ लग रही है। आलम यह है कि बीआरसी पर बीते दो महीनों में मात्र 518 बच्चों का ही आधार कार्ड बन पाया है। क्षेत्र के 3018 बच्चों का आधार कार्ड बनाया जाना है। कच्छप गति से चल रहे आधार कार्ड निर्माण का कारण जिम्मेदार नेटवर्क व बिजली कटौती को बता रहे हैं।
बीआरसी पर आधार कार्ड बना रहे आनंद कुमार व विवेक कुमार सिंह ने बताया कि अक्सर नेटवर्क गायब रहता है। ग्रामीण क्षेत्र होने के चलते बिजली कटौती भी खूब होती है। उन्होंने बताया कि अभी 2500 बच्चों के आधार कार्ड बनना शेष है। ऐसा ही आलम हुजूरपुर विकासखंड में भी दिखा। जहां आधार कार्ड के अभाव में 1000 से अधिक बच्चों की डीबीटी अटकी है।
अभिभावकों द्वारा आधार के अभाव में शिक्षकों द्वारा विद्यालय से नाम काटने की धमकी मिलने की शिकायत की गई। इण्डियन बैंक शाखा, आर्यावर्त बैंक व डाकघर में कार्ड बनाया जा रहा है। डाकघर में मशीन की खराबी के चलते आधार बनाने की प्रक्रिया ठप रही।
मशीन खराब होने से लोग परेशान
विशेश्वरगंज विकासखंड के शून्य से पांच वर्ष के बच्चों का आधार कार्ड बाल विकास परियोजना कार्यालय पर बनना निर्धारित किया गया था। जहां पड़ताल की गई तो आधार बनाने का कार्य ठप मिला। जब लिपिक मालिक राम से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा दो माह पूर्व मशीन दी गई थी। लेकिन मात्र सवा महीने मशीन चल पाई और फिर खराब हो गई।
उन्होंने बताया कि अब तक 190 बच्चों के आधार बन पाए हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी दीपा गुप्ता ने बताया कि मशीन बनने के लिए भेजी गई है। मशीन आते ही काम शुरू होगा।