रुपईडीहा में पद यात्रा के दौरान लोगों को संबोधित करते जैन गुरू व मौजूद लोग।
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रुपईडीहा (बहराइच)। लखनऊ से चलकर जैन मुनि की पदयात्रा भारत-नेपाल सीमा पर पहुंची। यहां पर जैन समुदाय के लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान जैन धर्म के गुरु विशोक सागर ने लोगों को संबोधित करते हुए लोगों से अहिंसा छोड़कर सत्यमार्ग पर चलने का आह्वान किया।
जैन समाज के गुरु विशोक सागर महाराज की ओर से लखनऊ से निकाली गई पदयात्रा कई स्थानों पर रुकते हुए रुपईडीहा पहुंची। भारत-नेपाल सीमा पर जैन गुरू ने पूजन कर लोगों प्रवचन भी दिया। उन्होंने लोगों को विश्व शांति, उत्तम स्वास्थ्य, पर्यावरण सुरक्षा व लोक कल्याण के लिए प्रेरित किया। कहा कि इसी उद्देश्य से पदयात्रा लखनऊ से रुपईडीहा के भारत नेपाल सीमा तक पहुंची है। जैनी अपने मन व काया को जीत पाने में सक्षम होते हैं।
उन्होंने लोक कल्याण के लिए अहिंसा को सबसे सरल व उचित रास्ता बताया। लोगों से अहिंसा छोड़ने की बात कही। उन्होंने विश्व शांति के लिए शांति का रास्ता पकड़ने को कहा। अंत में जैन मुनि ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर भी बल दिया। कार्यक्रम में रुपईडीहा के सुभाष चंद्र जैन, सचिन जैन, अमित जैन, संजय जैन, राजेश जैन, उपेंद्र जैन, स्वपनिल जैन के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।