बहराइच। मौसम रोज नया रंग दिखा रहा है। शनिवार को सुबह से ही ठंड ने अपना सख्त तेवर दिखाया। गलन से लोगों को कोई राहत नहीं मिली। करीब नौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द हवा ने ठिठुरन और बढ़ा दी। पूरे दिन धूप नहीं निकली। न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री और अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सुबह-सुबह सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी पूरी तरह गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। ठंड और गलन के चलते बाजार देर से खुले, जबकि ग्रामीण इलाकों में खेतों और कामकाज पर जाने वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर कड़ाके की ठंड का ज्यादा असर देखा गया।
अलाव और हीटर का ही लोगों को सहारा रहा। बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और चौराहों पर लोग आग तापते दिखाई दिए। अस्पतालों में सर्दी-खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
आंचलिक मौसम विभाग के विशेषज्ञ एके सिंह के अनुसार तराई क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवा के असर से ठंड बनी हुई है। अगले तीन दिन तक मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। सुबह-शाम गलन और ठंडी हवा लोगों को परेशान करती रहेगी। हालांकि दिन में बादलों की आवाजाही का सामना भी करना पड़ेगा। ठंड से ज्यादा राहत नहीं मिलेगी।
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बच्चों व बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
- ठंड से बचाव के लिए ऊनी कपड़े, टोपी, मफलर और दस्तानों का नियमित उपयोग करें।
- सुबह बहुत जल्दी और देर रात अनावश्यक रूप से घर से निकलने से बचें।
- बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा से विशेष रूप से सुरक्षित रखें।
- बीमार, कमजोर और वृद्ध व्यक्तियों का अतिरिक्त ध्यान रखें।
- अलाव, हीटर या अन्य सुरक्षित साधनों से शरीर को गर्म रखें।
- सर्दी-खांसी, बुखार या सांस की दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।