अमर उजाला के कार्यक्रम में जुटे युवा
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जौ जाति धरम मां बंटि जइहौ, तौ पांच साल तक पछितइहौ। अब होश करौ, मदहोश न हो नाहीं तौ फिर से दु:ख पइहौ। कवि की अवधी भाषा की यह पंक्तियां हर उस मतदाता को जागरूक होने का संदेश दे रही हैं, जो भारतीय लोकतंत्र का प्रहरी है। चुनावी रणभेरी बज चुकी है। एक-एक वोट पाने की हसरत लिए उम्मीदवार फिर जनता जनार्दन की चौखट पर माथा रगड़ने लगे हैं। उनके पास लोक लुभावन वादे हैं और पल भर में जनता की किस्मत बदलने का झूठा दावा भी है। लेकिन आवाम ने जाति, धर्म, ऊंच-नीच, क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर ऊर्जावान, ईमानदार व शिक्षित नेता को वोट देने का मन बनाया है।
गिरते वोटिंग प्रतिशत को कैसे बढ़ाया जाए और सिर्फ वोटिंग ही नहीं, समझदारी के साथ अपना प्रतिनिधि चुनकर सदन में भेजना, यह प्रमुख मुद्दा बन चुका है। यह निष्कर्ष रहा अमर उजाला सरोकार श्रंखला के तहत फोकस ग्रुप में। परिचर्चा में युवा मतदाताओं व छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने संकल्प लिया कि न केवल खुद सोच समझकर वोट डालेंगे, बल्कि दूसरों को भी साफ-सुथरे व ईमानदार छवि वाले उम्मीदवार को चुनने के लिए प्रेरित करेंगे।
कलावती देवी स्मारक महाविद्यालय उत्तमनगर बेड़नापुर के सभागार में सोमवार को अमर उजाला सरोकार श्रृंखला के तहत फोकस ग्रुप का आयोजन हुआ। परिचर्चा में शामिल युवाओं ने बेबाकी से जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही उपेक्षा का दर्द बयां किया। कहा कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा व स्वास्थ्य के मुद्दे पर गहरी समझ के साथ देशहित में कार्य करने वाले जनप्रतिनिधि को तरजीह दी जानी चाहिए।
कुछ ने कहा कि नेता वर्ग, धर्म, जाति-पांत से अलग होना चाहिए तो कुछ ने सर्व सुलभता के आधार पर चुने जाने की वकालत की। कहा कि सरकार व जनता के बीच जो पुल की तरह कार्य करे, उसे सदन पहुंचाना चाहिए।
बेरोजगारी, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सुधार जैसे मुद्दों पर युवाओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी। कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना के लिए राष्ट्रीय स्तर की पार्टियों को वोट करना चाहिए। कुछ ने नोटा के अधिकार को लोकतंत्र के लिए हथियार माना तो कुछ ने इसे और कठोर किए जाने की बात कही। सभी ने जिले की आवाम से अपील करते हुए कहा कि साफ-सुथरे, ईमानदार, सर्वसुलभ व आदर्श गुणों वाले जनप्रतिनिधि को सदन पहुंचाया जाए, जिससे देश का भला हो सके।