बहराइच। हज यात्रा पर बहराइच से 561 लोग गए मक्का मदीना गए हैं। गुरुवार को मीना में शैतान को पत्थर मारने के दौरान मची भगदड़ की खबर से बहराइचवासियों में भी हड़कंप मच गया।
लोग बेचैन हो उठे और अपनों का हाल जानने के लिए बेचैन रहे। हालांकि, अभी तक जिले के किसी भी यात्री के जख्मी होने या फिर अन्य क्षति होने की सूचना नहीं हैं।
जिले से इस बार 561 हज यात्रियों का जत्था अलग-अलग टुकड़ियों में सऊदी अरब के लिए रवाना हुआ था। इनमें शहर व आसपास के 160 हजयात्री शामिल थे, जबकि 401 हजयात्रियों में नानपारा, कैसरगंज, रिसिया, मिहींपुरवा, रुपईडीहा, हुजूरपुर और फखरपुर के हजयात्री हैं।
गुरुवार को जैसे ही मीना में भगदड़ की खबर फैली लोग टीवी स्टार्ट कर उसी पर नजर गड़ाए रहे। टोल फ्री नंबर पर फोन कर और गज पर गए परिवारीजनों से फोन पर संपर्क साधकर हालचाल लेते रहे।
बहराइच निवासी ताहिर हुसैन ने बताया कि उनके एक मित्र फरीद शम्सी भी हजयात्रा पर गए हैं। उनसे बहराइच के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हादसे में बहराइच के किसी भी व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया है। इस सूचना के बाद जिले के लोगों ने राहत की सांस ली है।
जमीयते उलमा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मौलाना हयात उल्ला कासमी ने भी हज में बहराइच के किसी यात्री के हादसे का शिकार होने से इंकार किया है।
हाथ में कड़ा और बेल्ट से होती है पहचान
पिछले साल हज यात्रा पर गए शहर के मोहल्ला काजीपुरा निवासी हफीज हाजी महफूजुर्रहमान ने बताया कि टोलियों में हजयात्री सऊदी अरब पहुंचते हैं। वहां सरकार की ओर से एक स्टील का कड़ा, एक चमड़े की बेल्ट, एक आईडी प्रदान की जाती है। आईडी को गले में पहना जाता है, जबकि कड़ा और बेल्ट हाथ में पहन लिया जाता है। कड़े पर यूपीएफ के अलावा पांच अंक दर्ज रहते हैं जो इंडिया के यूपी का निवासी होने की बात दर्शाते हैं। कोई हादसा होने पर इसी से पहचान की जाती है।