राजीचौराहा (बहराइच)। जब हम शिक्षित होंगे तभी अपने अधिकारों के प्रति सजग हो पाएंगे और जागरूक बन सकेंगे। शिक्षा के बिना किसी भी समाज की बेहतरी की कल्पना नहीं की जा सकती है। ये बातें अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित महिला शिक्षा कार्यशाला में मुख्य अतिथि प्रभारी निरीक्षक हरदी शिवानंद प्रसाद ने कहीं।
महसी के सिकंदरपुर गांव स्थित अच्युतानंद सूरजलाल इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि हम अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें। बालक और बालिका में कोई भेदभाव न करें।
विद्यालय के प्रबंधक करुणाकर शुक्ला और प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष अंबिका प्रसाद शुक्ला ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्हें हर मामले में सशक्त बनाना भी जरूरी है। कार्यक्रम को प्रधानाचार्य छेदीराम भास्कर, पूर्व प्रधान अनिल शुक्ला, कैलाश शुक्ला, अरविंद मिश्रा व आरक्षी नीलम चौधरी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना और स्वागत गीत भी प्रस्तुत किये।
सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें बालिकाएं
बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए। किसी भी परिस्थिति सेे डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। अब सरकार ने यूपी कॉप के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराने की पहल की है अपने स्मार्ट फोन से घर बैठे मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। रास्ते में मदद की जरूरत पड़े तो डायल 100, 1090, 181 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों से तत्काल मदद मिल जायेंगी।
-शिवानंद प्रसाद, प्रभारी निरीक्षक
संकोच न करें, खुल कर कहें बात
बेटियों के लिए यह जरूरी है कि वे किसी भी परिस्थिति से घबरायें नही, अपनी बात खुलकर कहें। अक्सर चुप रहने से समस्या और बढ़ जाती है। कहीं कोई भी अप्रिय घटना हो तो परिवार व स्कूल में जरूर बतायें।
-करुणाकर शुक्ला, प्रबंधक
अधिकारों के प्रति रहें सजग
महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग होना चाहिए, ऐसा तभी संभव है जब वह शिक्षित होंगी। शिक्षा की कमी रहेगी तो वह कभी भी अपने अधिकारों के बारे में नही जान सकेंगी। सरकार की योजनाओं की जानकारी भी नहीं मिल सकेगी।
-अंबिका प्रसाद शुक्ला, अध्यक्ष
शिक्षित बेटियां दो घरों को करतीं रोशन
एक बेटी को पढ़ाने से दो घरों में शिक्षा का उजियारा फैलता है, इसलिए बेटियों की शिक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे बेटियां विषम परिस्थितियों में हर चुनौती का मुकाबला कर सकेंगी।
-छेदीराम भास्कर, प्रधानाचार्य
देश की तरक्की में बनेंगी सहभागी
बेटियां शिक्षित होंगी तभी अपने अधिकारों के प्रति भी सजग होंगी। शिक्षा से वह दूसरों की निर्भरता को नकार सकेंगी और अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी। इसी से वह देश की तरक्की में सहभागी बन सकेंगी।
- अनिल शुक्ला, पूर्व प्रधान
महिला आरक्षियों से खुलकर रखें बात
सरकार की ओर से महिला व बालिका सुरक्षा के मद्देनजर थानों में महिला आरक्षियों की नियुक्ति की गयी है, आप कभी भी थाने पहुंचेंगी तो आप की बात सुनने के लिए महिला आरक्षी मुस्तैद मिलेंगी। उनसे आप खुलकर अपनी बात कह सकेंगी। आपको झिझकने की जरूरत नहीं है।
-नीलम चौधरी, महिला आरक्षी
प्रतिभा को कभी न आंकें कम
बालिकाओं की प्रतिभा को कम नहीं समझना चाहिए। शिक्षा ही नहीं अन्य क्षेत्रों में भी बेटियां पीछे नहीं हैं। खेल-कूद व राजनीति में महिलाओं ने अपनी मेधा से बेहतर मुकाम हासिल किया है।
-सरस्वती
दूसरों को भी करूंगी शिक्षित
महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। हम शिक्षित होंगे तभी दूूसरों को भी शिक्षित कर सकते हैं। कार्यक्रम में दी गयी जानकारियां काफी अहम हैं। दूसरों को भी इसके प्रति शिक्षित करूंगी।
-रमा
शिक्षा के प्रति आयी है जागरूकता
बेटियों की शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता आयी है। सरकार भी बालिका शिक्षा के प्रति ध्यान दे रही है। अमर उजाला की पहल सराहनीय है। इससे समाज में बदलाव जरूर नजर आयेगा।
-पूजा
प्रोत्साहन की है जरूरत
बेटियां पढ़ना नहीं चाहती हैं, ऐसा नहीं है लेकिन उन्हें उचित मार्गदर्शन और समर्थन नहीं मिल पाता है। बेटियों को प्रोत्साहित करना चाहिए जिससे वह मन लगाकर पढ़ सकें।
-नीलू
हम भी कर सकते हैं नाम रोशन
हम सभी को मौके देने की जरूरत है। अगर हमें मौका मिलेगा तो बालिकाएं किसी से कमजोर नहीं रह गई हैं। हम भी परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन कर सकते हैं।
-तेजस्विनी मिश्रा
घर व आसपास भी फैलाऊंगी जागरूकता
अमर उजाला के कार्यक्रम में हम सभी को काफी कुछ बेहतर सीखने को मिला है। हम सभी जागरूक होकर परिवार व आसपास के लोगों को भी जागरूक करेंगे।
-पिंकी तिवारी
अंबिका प्रसाद शुक्ला।- फोटो : BAHRAICH
शिवानंद प्रसाद।- फोटो : BAHRAICH
करुणाकर शुक्ला।- फोटो : BAHRAICH