बहराइच। आए दिन हो रही भीषण सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को डग्गामारी, ओवर लोडिंग व अवैध टैक्सी स्टैंडों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया था। लेकिन जिले में मुख्यमंत्री के आदेश को लेकर अधिकारी उदासीन हैं। यात्री मजबूरन जान हथेली पर रखकर यात्रा कर रहे हैं। बेखौफ वाहन चालक ड्राइवर सीट और पावदान पर भी यात्रियों को बैठाने से चूक नहीं रहे हैं। ऐसे में कैसरगंज जैसी भीषण सड़क दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
जिले से पयागपुर, खुटेहना होते हुए गोंडा व सासरपारा, धरसवां होते हुए श्रावस्ती और बलरामपुर जिला जाने वाले मार्ग पर रोडवेज बसों की संख्या कम है। इसका डग्गामार वाहन संचालक जमकर फायदा उठा रहे हैं। दिनभर इन मार्गों पर ऑटो व टैक्सी को फर्राटा भरते देखा जाता है। इस दौरान वाहन संचालक यात्रियों की सुरक्षा को दरकिनार करते नजर आ रहे हैं।
वाहन संचालक यात्रियों से किराया तो रोडवेज के बराबर ले रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें ड्राइवर सीट पर बैठाया जाता है। वाहन चालकों की लापरवाही का गवाह जिला हर रोज बनता है।
सात सीटर टैक्सी में ठूंस रहे 15 यात्री
बहराइच से गोंडा, श्रावस्ती व बलरामपुर जाने वाली टैक्सियों में से अधिकतर छह से सात सीटर हैं। एआरटीओ कार्यालय से इनकी परमिट भी छह से सात यात्रियों के लिए ही बनी हुई है। आलम यह है कि ड्राइवर की सीट पर भी यात्रियों को बैठाया जा रहा है। टैक्सियों के पावदान पर भी चार से पांच यात्रियों को लटकाया जा रहा है। अगर पूरी टैक्सी की बात करें तो बेखौफ चालक 15 से 22 यात्रियों को टैक्सी में ठूंस और पावदान पर लटका कर यात्रा करवा रहे हैं।
ड्राइवर की सीट पर भी बैठा रहे दो सवारी
ऑटो व बैटरी रिक्शे में तीन सवारियां बैठाने का नियम है। लेकिन इसका पालन सिर्फ अधिकारियों के कागजों में होता दिख रहा है। सड़कों पर तो हाल बेहाल है। आलम यह है कि ऑटो चालक सामान रखने के स्थान पर सीट लगवा कर वहां भी तीन से चार सवारियां बैठा रहे हैं। ड्राइवर सीट पर भी दो सवारियों को बैठा कर उनकी जान जोखिम में डाली जा रही है। ऐसा तब है जब चंद दिन पहले एक ओवरलोड ऑटो में डंपर की टक्कर से छह लोग जान गंवा चुके हैं।
सीज होंगे वाहन
ऑटो व बैटरी रिक्शे में तीन सवारियां बैठाने का निर्देश है। टैक्सियों में छह से सात यात्रियों की परमिट होती है। सघन चेकिंग अभियान चलाकर लापरवाह चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अभियान को और गति दी जाएगी। वाहनों के सीज करने की कार्रवाई होगी।
- ओपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन