बहराइच। शासन ने 15 अक्तूबर से स्कूल खोलने की अनुमति दे दी है, लेकिन अभी तक शासनादेश अधिकारियों को नहीं भेजा गया है। वहीं स्कूल खोलने के लिए अभिभावकों ने भी लिखित सहमति दे दी है। शिक्षा विभाग शासन के आदेश का इंतजार रहा है। कोरोना काल के बाद स्कूल खुलने को लेकर प्रधानाचार्यों के साथ शिक्षकों में भी उत्सुकता है। इसको लेकर उन्होंने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीआईओएस के मुताबिक स्कूल खुलने पर कम बच्चे ही बुलाए जाएंगे। साथ ही प्रवेश से पहले विद्यालय परिसर व छात्रों को सैनिटाइज किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार ने 22 मार्च से देश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी, जिससे जिले में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक व डिग्री कॉलेज बंद कर दिए गए थे। लगभग साढ़े छह माह से स्कूल बंद चल रहे हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई ठप थी। माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही थी, लेकिन इसका लाभ सभी छात्रों को नहीं मिल पा रहा था। शासन ने अनलॉक-5 के तहत नियमों में ढील दी है। इसके तहत 15 अक्तूबर से स्कूल खोले जा सकेंगे, लेकिन अभी तक इसका आदेश शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक नहीं पहुंचा है, जबकि अभिभावकों ने स्कूल खोलने के लिए सहमति दे दी है।
अभिभावक चाहते हैं कि स्कूल खुलें और उनके बच्चे पढ़ने के लिए विद्यालय जाएं। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि विद्यालय खोलने के लिए अभी लिखित आदेश नहीं मिला है, लेकिन स्कूल खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अभिभावकों ने भी विद्यालय खोलने की सहमति जतायी है। ऐसे में शासन का आदेश आते ही स्कूल खोल दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालय को पूरी तरह से सैनिटाइज कराया जाएगा। साथ ही बच्चों को बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कोरोना प्रोटोकॉल के नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाए जाएंगे छात्र
विद्यालय खोलने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। हर कमरे में सैनिटाइजर मशीन रखी जाएगी,। जिससे छात्र व शिक्षक सैनिटाइज हो सकेंगे। सामाजिक दूरी के साथ छात्रों को बैठाया जाएगा। साथ ही टिफिन, पेंसिल समेत अन्य वस्तु एक-दूसरे से साझा करने पर रोक रहेगी।
-छवि रायतानी, प्रबंधक गुरू कृपा डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल
बिना मास्क बच्चे को नहीं मिलेगा प्रवेश
सरकार के साथ शिक्षा विभाग के आदेश का इंतजार है। विद्यालय खोलने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। छात्रों को बिना मास्क के प्रवेश नहीं मिलेगा। कोरोना संक्रमण के दौरान सिर्फ 30 प्रतिशत बच्चों को ही विद्यालय बुलाने की कोशिश होगी। सरकार के नियम का पालन किया जाएगा।
- अरशद रईस, प्रधानाचार्य मदनी इंटर कॉलेज
कमरे के बाहर होगी मास्क व सैनिटाइज की व्यवस्था
सरकार के निर्देश के बाद अभिभावकों से सर्वे कराया गया, जिसमें शत-प्रतिशत अभिभावकों ने विद्यालय खोलने की अनुमति दे दी है। इसके लिए प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। सरकार का आदेश मिलते ही 15 अक्तूबर से विद्यालय खोलने की तैयारी होगी। साथ ही कोरोना से बचने के लिए छात्रों व अभिभावकों को भी जागरूक किया जा रहा है। मास्क, सैनिटाइज की व्यवस्था कमरे के बाहर होगी।
- प्रधानाचार्य अनुग्रह स्टेनली, प्रामिस लैंड पब्लिक इंटर कॉलेज
छात्रों के भविष्य को देखते हुए खोले जाएं स्कूल
नानपारा तहसील के रुपईडीहा निवासी अभिभावक राकेश वर्मा और अब्दुल वहीद अंसारी का कहना है कि करीब छह माह से विद्यालय बंद चल रहे हैं। इससे पढ़ाई बाधित हो रही थी। अब कोरोना संक्रमण कुछ कम हुआ है। सरकार ने भी स्कूल खोलने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में छात्रों के भविष्य को देखते हुए स्कूल का संचालन किया जाए, जिससे पढ़ाई बाधित न हो। मिहींपुरवा विकास खंड के गिरगिट्टी निवासी जितेंद्र यादव और उर्रा निवासी रवि अग्रवाल का कहना है कि लोगों का जीवन बचाने के लिए सरकार ने विद्यालयों का संचालन बंद किया था, लेकिन अब संक्रमण काफी कम हो गया है। ऐसे में विद्यालय खोला जाए। इसके लिए हम अभिभावक स्वयं अपनी सहमति दे रहे हैं। छात्रों का भविष्य संवारने के लिए विद्यालय संचालन बहुत जरूरी है।
मिली सहमति, कम छात्र बुलाएंगे स्कूल
स्कूल खोलने के लिए सरकार की ओर से मौखिक आदेश मिला है, लेकिन अभी लिखित शासनादेश शिक्षा विभाग की ओर से नहीं दिया गया है। ऐसे में लिखित शासनादेश मिलने पर विद्यालय खोले जाएंगे। स्कूल खोलने की अनुमति अभिभावकों ने दे दी है। साथ ही स्कूल में कम संख्या में छात्रों को बुलाया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों को सैनिटाइज करवाया जाएगा। मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
- राजेंद्र कुमार पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक