बहराइच। गांवों में रहने वाले ग्रामीण विभिन्न आय, जाति, निवास समेत ऑनलाइन कार्यों के लिए ब्लॉक व जिला मुख्यालय की दौड़ लगाते हैं। ग्रामीणों की दौड़भाग खत्म करने लिए शासन की ओर से करोड़ों खर्च कर जिले के सभी 1041 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन(ग्राम सचिवालय) का निर्माण करवाया है। इन्हें हाई स्पीड इंटरनेट सेवा से जोड़ने व आलमारी, कंप्यूटर, कुर्सी-मेज आदि की व्यवस्था के लिए लगभग दो लाख प्रति पंचायत भवन खर्च किया गया है। पंचायत सहायक की नियुक्ति कर प्रति माह 6000 रुपये मानदेय भी दिया जा रहा है। लापरवाही के चलते सैकड़ों पंचायत भवन जहां ताले में रहते हैं तो वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जहां मवेशी बांधी जा रही है या भूसा रखा जा रहा है। प्रस्तुत है अमर उजाला टीम की एक रिपोर्ट....
सप्ताह में एक दिन खुलता है पंचायत भवन
पंचायत भवन और जनसेवा केंद्र उर्रा ताले में कैद रहता है। ग्रामीण अजय श्रीवास्तव, ठाकुर प्रसाद मौर्य, विजयराज मौर्य, बीरबल गोंड, योगेन्द्र बहादुर श्रीवास्तव, राजेश मौर्य, डॉ. अरविंद आदि ने बताया कि सप्ताह में एक या कभी दो बार खुलता है। कई बार प्रधान से शिकायत की गई है।
पंचायत भवनों पर लटकता मिला ताला
चित्तौरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरौवा भदौली की पड़ताल पर पंचायत भवन बंद मिला। वहीं इसके आसपास गंदगी मिली। ग्रामीण मोनू, मायाराम आदि ने बताया कि विशेष अवसरों पर ही पंचायत भवन खुलता है। वहीं धरसवां के बहादुर चक स्थित पंचायत भवन पर भी ताला लटकता मिला। वहीं अहिरौरा का पंचायत भवन भी बंद रहा। बीडीओ विनोद यादव ने बताया कि जांच करवाई जाएगी।
दौड़ना मजबूरी, सचिव आते ही नहीं
ग्राम पंचायत मुसेपट्टी के पंचायत भवन पर ताला लटकता मिला। मौजूद ग्रामीण कजन, सलमान, आदि ने बताया कि 8-10 दिन पर एक बार खुलता है। वहीं सचिव कभी नहीं बैठते। इसके चलते दौड़ लगानी पड़ रही। वहीं बौंडी क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिंगाही में भी ताला लटकता मिला।
जर्जर भवन के सामने लगा कचरा, बंधी रही गाय
पंचायत भवन कंदरा जर्जर हालत में मिला। वहीं इसके बाहर कूड़े का ढ़ेर लगा रहा और मवेशी बंधी दिखी। ग्रामीणों ने बताया कि यहां कोई नहीं आता, प्रधान के घर से पंचायत भवन चलता है। वहीं निबुईकला पंचायत भवन भी बंद रहा और चारों ओर गंदगी रही। ग्रामीणों ने बताया कि यहां कोई नहीं आता। रिसिया विकासखंड के ग्राम पंचायत बलभद्दरपुर व फुलवरिया और भौखारा के पंचायत भवन भी बंद मिले।
कहीं ताले में पंचायत भवन तो कहीं टूटी मिली बाउंड्री
शिवपुर विकासखंड के लौकिहा का पंचायत भवन ताले में कैद रहा। ग्रामीणों ने बताया कि न सचिव और न ही पंचायत सहायक आते हैं। वहीं महसी तहसील के सिंगिया नसीरपुर का पंचायत भवन भी बंद रहा और आसपास गंदगी व घास उगी मिली। वहीं ग्रामीण छंगा यादव, मिर्ती लाल ने बताया कि पंचायत भवन को जाने का रास्ता ही नहीं है। ग्राम पंचायत पिपरी मोहन, पूरे हिन्दू सिंह का भी पंचायत भवन बंद रहा। वहीं ग्राम पंचायत सधुवापुर के पंचायत भवन की स्थिति दयनीय मिली। बिल्डिंग जर्जर होने के साथ-साथ गंदगी की भरमार रही। ग्रामीण रमेश, रामपाल, जगजीवन, इंद्रदत्त आदि ने बताया कि पंचायत भवन आना छोड़िए सचिव का कभी फोन नहीं उठता।
पंचायत भवन के कमरे में भूसा
नवाबगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत रामनगर गुलरहिया के पंचायत भवन पर ताला मिला। वहीं कमरे में भूसा रखा रहा और बाहर मवेशी बंधी रही। ग्रामीणों ने बताया कि कोई नहीं आता। वहीं ग्राम पंचायत सोरहिया में भी ताला नजर आया। बाबागंज जमुनहा व सोरहिया के पंचायत भवन भी ताले में कैद रहा।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
पंचायत भवनों को नियमित सुबह दस से शाम चार बजे तक खोलने के निर्देश दिए गए है। यदि इसमें कोई लापरवाही कर रहा है ताे जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
मुकेश चंद्र, सीडीओ