नेपाल से सटा बहराइच जनपद सामरिक दृष्टि से संवेदनशील है। यहां जरनैल सिंह भिंडरावाला का चालक, सीरियल किलर सलीम व दाऊद इब्राहिम के खानसामा जिब्राइल के अतिरिक्त मुंबई क्राइम ब्रांच का मोस्ट वांटेड इरफान भी जुड़ा रहा है।
मशरूर के अनधिकृत तरीके से भारत में रहने की भनक खुफिया एजेंसी को लगी तो उसके दस्तावेज खंगाले गए। लखनऊ क्राइम ब्रांच के साथ विशेष पुलिस बल ने जब मशरूर को हिरासत में लिया तो उसके पास से पाकिस्तानी दस्तावेज भी बरामद हुए। जांच में पता चला कि वह पाकिस्तान के कराची शहर का रहने वाला है।
सुरक्षा के मद्देनजर बदली थी जेल
गिरफ्तारी के बाद मशरूर को बहराइच जेल में रखा गया, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों से उसे उन्नाव जेल भेजा गया। मुकदमे के ट्रायल के दौरान वह बहराइच आता था। दोष सिद्ध होने के बाद उसे गोरखपुर जेल भेज दिया गया था, जहां से सजा काटने के बाद उसे रिहा कर दिया गया।
पूर्व में भी पकड़े
जा चुके हैं विदेशी नागरिक
सीमावर्ती बहराइच जनपद में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और रहने वाले विदेशी नागरिक पहले भी पकड़े जा चुके हैं। वर्ष 2011 में एक चीनी महिला ने नेपाल के रास्ते भारतीय सीमा में प्रवेश किया। चेकपोस्ट की फोटो खींचते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। गर्भवती होने के कारण उसे दूतावास के माध्यम से चीन भेज दिया गया। राबर्ट नेस्टर नामक एक ब्रिटिश नागरिक को भी यहां वर्ष 1985 में पकड़कर वापस उसके देश भेजा गया।