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जिला अस्पताल में दो करोड़ से बिछाई ऑक्सीजन पाइप लाइन पड़ी बेकार

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बहराइच के मेडिकल कालेज में बिछाई गई ऑक्सीजन पाइप लाइन। - फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। मेडिकल कॉलेज बहराइच से संबद्ध जिला अस्पताल में पांच साल पूर्व ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने गई थी। ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए प्लांट भी स्थापित हुआ। वार्ड में हर बेड तक पाइप लाइन बिछा दी गई, मगर बजट और मैन पावर की कमी के कारण आज तक ऑक्सीजन की आपूर्ति का कार्य नहीं शुरू हो सका। एक बार इलाहाबाद की कंपनी की ओर से इसका परीक्षण भी किया जा चुका है। ऑक्सीजन की आपूर्ति को शुरू किए जाने के लिए सीएमएस ने शासन को पत्र भेजा है।
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बहराइच मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल देवीपाटन मंडल का आदर्श अस्पताल है। यहां पर जिले के साथ गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती व नेपाल के मरीज भी इलाज कराने के लिए आते हैं। जिला अस्पताल में 300 मरीजों को भर्ती किए जाने की व्यवस्था है।
अस्पताल में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों का पहले ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर इलाज किया जाता था। लेकिन शासन की ओर से जिला अस्पताल में ऑक्सीजन पाइप लाइन व सेक्शन पाइप लाइन बिछाए जाने के लिए दो करोड़ रुपये का बजट अवमुक्त किया गया था।
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वर्ष 2013-14 में इलाहाबाद की पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड को ऑक्सीजन की पाइप लाइन बिछानेे का काम मिला था। लगभग एक साल के अंदर कंपनी की ओर से जिला अस्पताल के हर बेड तक पाइप लाइन बिछा दी गई। कंपनी के इंजीनियरों की ओर से इसका एक बार परीक्षण भी किया गया, जिसके बाद कोई कदम नहीं उठाए गए।
ऑक्सीजन की आपूर्ति का कार्य आज भी सिलेंडरों के माध्यम से ही किया जा रहा है। हालात यह हैं कि दो करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी आज तक बेडों तक पाइप लाइन के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति संभव नहीं हो सकी है। कई बार मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने पर परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।
मंगवाए थे 24 मेगा सिलेंडर
कंपनी की ओर से पाइप लाइन बिछाए जाने के बाद एक बार इंजीनियरों की टीम से परीक्षण कराया गया था। जिसके बाद कंपनी ने 24 मेगा सिलेंडर मंगवाए थे। यह सिलेंडर भी अभी तक शोपीस ही बने हुए हैं। इन सिलेंडरों के माध्यम से पाइप के जरिए मरीजों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति की जानी थी।
शासन को भेजा गया पत्र
मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य पांच साल पूर्व पुष्पा सेल्स की ओर से किया गया था। इसके लिए प्लांट की भी स्थापना की गई थी। मगर मैन पावर और बजट न होने के कारण आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इस संबंध में शासन को पहले भी कई पत्र भेेजा गया है। फिर से पत्र भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हो सकेगी।
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- डॉ. डीके सिंह सीएमएस
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