बहराइच। माता-पिता की मृत्यु के बाद नौ वर्षीय अनाथ बच्ची को पहले लखनऊ और फिर बहराइच में बंधक बनाकर घरेलू काम कराया गया। विरोध करने पर उसे गालियां दी जाती थीं। साथ ही बच्ची को पांच लाख रुपये में बेचने की धमकी भी दी जाती थी। किसी तरह वहां से भागने के बाद बच्ची पुलिस को लावारिस हालत में मिली।
मामले का संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति न्यायपीठ ने पुलिस और श्रम विभाग को कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बच्ची को सुरक्षा के लिए बाल गृह गोंडा भेज दिया गया है। बाल कल्याण समिति न्यायपीठ के अध्यक्ष सतीश कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने बच्ची की काउंसिलिंग की। काउंसिलिंग में बच्ची ने बताया कि माता-पिता की मौत के बाद वह अपने छोटे भाई के साथ लखनऊ में भटक रही थी। बांस मंडी इंदिरा नगर स्थित एक ब्यूटी पार्लर वाली महिला सोना आंटी ने उन्हें काम पर रखा। वहां उनसे दिन भर घरेलू काम कराया जाता था। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था।
बाद में बहराइच की एक महिला उसे अपने साथ ले आई। यहां भी उससे पूरे दिन घरेलू कार्य कराए गए। बच्ची ने आरोप लगाया कि परिवार का एक सदस्य शराब के नशे में उसके साथ अभद्र व्यवहार करता था। वह उसे अश्लील गालियां देता था और बेचने की धमकी देता था।
प्रताड़ना से तंग आकर बच्ची घर से भाग निकली। वह लावारिस हालत में पुलिस के हाथ लग गई। पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने बच्ची के बताए स्थान का सत्यापन किया। उन्होंने बच्ची की पूरी आपबीती दर्ज की। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। सीडब्ल्यूसी ने थाना कोतवाली नगर, पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और श्रम विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा। बच्ची के पुनर्वास व संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाने के भी निर्देश दिए।