मिहींपुरवा (बहराइच)। विकास खंड मिहींपुरवा में पांच लाख की आबादी के सापेक्ष महज पांच रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें दो बसें ब्लाॅक मुख्यालय व दो बसें बिछिया से संचालित हो रही हैं। जबकि लखीमपुर-नानपारा हाईवे मार्ग से दर्जनों बसें मिहींपुरवा मोड़ से होकर गुजर जाती हैं। ऐसे में यहां के लोगों के सामने निजी वाहन ही सहारा हैं।
मिहींपुरवा की जिला मुख्यालय से दूरी करीब 65 किमी है। मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र करीब 12सौ वर्ग किलोमीटर में नेपाल तक फैला हुआ है। यहां की आबादी करीब पांच लाख के करीब है। वहीं, कर्तनियाघाट वन्य जीव प्रभाग से सटा होने के चलते सैलानियों का भी आना-जाना रहता है। बावजूद इसके यहां यातायात सुविधाओं का अभाव है। लोग यहां से गुजरी मीटर गेज रेल सेवा से पूर्वांचल, दिल्ली व अन्य प्रांतों तक की यात्रा करते थे। लेकिन रेल मार्ग का अधिकतर हिस्सा ब्राॅडग्रेज में परिवर्तित हो जाने से यहां भी असुविधा हो रही है।
इससे हालात यह हैं कि पूरा क्षेत्र यातायात के नाम पर निजी बसों के सहारे सिमट गया है। रोडवेज बस के नाम पर तीन बसें मिहींपुरवा, वहीं दो बसें लखीमपुर जिले की गोला डिपो द्वारा बिछिया से हरिद्वार व दिल्ली के लिए संचालित की जा रही हैं। स्थानीय लोगों की मांग पर बलहा विधायक सरोज सोनकर ने मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री से मुलाकात कर रोडवेज बस अड्डा व दो दर्जन से अधिक बसों के संचालन की मांग की है।