बहराइच। संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर जिले की सभी तहसीलों में शनिवार को कुल 197 मामले आए, इनमें से सिर्फ 28 मामले ही निपटाए जा सके। सर्वाधिक 54 मामले तहसील कैसरगंज में आए। निस्तारित मामलों का अनुपात तहसील नानपारा में बेहतर रहा। यहां 40 के सापेक्ष 11 मामले निपटाए गए।
नानपारा में डीएम अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। इस अवसर पर डीएम ने एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव, सीडीओ सुनील कुमार धनवंता, एसडीएम मोनालिसा जौहरी, सीएमओ डॉ. संजय कुमार, डीडीओ राज कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ फरियादियों की समस्याएं सुनीं और निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
इस बार यहां डीएम ने क्षेत्र से आए सभी शिकायतकर्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके बैठने के लिए समुचित कुर्सियों की व्यवस्था कराई। साथ ही बढ़ती गर्मी को देखते हुए उपस्थित लोगों के लिए ठंडे पानी की भी व्यवस्था कराई गई।
इस मौके पर डीएसओ नरेन्द्र तिवारी, बीएसए आशीष कुमार सिंह, डीसीओ आनंद कुमार शुक्ला, अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, संबंधित बीडीओ, बीईओ, सीडीपीओ व थानाध्यक्ष व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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ये रहा तहसीलों में शिकायतों और निस्तारण का स्कोर
समाधान दिवस में तहसील नानपारा में प्राप्त 40 शिकायतों में से 11 का निपटारा मौके पर किया गया। तहसील कैसरगंज में प्राप्त 54 शिकायतों के सापेक्ष आठ, तहसील सदर बहराइच में प्राप्त 32 शिकायतों के सापेक्ष दो, मिहींपुरवा (मोतीपुर) में प्राप्त 20 शिकायतों के सापेक्ष एक, पयागपुर में प्राप्त 35 शिकायतों के सापेक्ष पांच व महसी में प्राप्त 16 शिकायतों के सापेक्ष सिर्फ एक का ही मौके पर निपटारा किया जा सका।
एसपी के आदेश पर दर्ज हुई प्राथमिकी
कोतवाली नानपारा अंतर्गत एक पीड़ित ने प्रार्थनापत्र देते हुए कहा कि उसकी नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी, शुक्रवार शाम करीब चार बजे कोडरी दाखिला बढ़ैया कला निवासी राकेश घर में घुसकर छेड़खानी करते हुए सड़क पर ले गया और कहने लगा कि तुमने मेरे खिलाफ मुकदमा कायम करा दिया है, तुम मेरे साथ चलो, नहीं तो तुम्हें जान से मार देंगे। सूचना पर 112 नंबर पुलिस आई, लेकिन आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसपी के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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जब पीड़िता ने दी आत्महत्या की धमकी
समाधान दिवस में सुनीता सिंह निवासी पंडुहिया, नवाबगंज ने प्रार्थनापत्र देते हुए कहा कि उसके कच्चे मकान पर गुल्लू खां व बारीक खां कब्जा कर रखे हैं, जबकि जमीन उनकी खतौनी खाते की है। उस पर मकान भी बना हुआ है। डीएम ने जब संबंधित लेखपाल व पुलिस से जानकारी की तो पता चला कि यह मामला दो साल से कोर्ट में विचाराधीन है। पीड़िता का कहना है की तहसील व पुलिस प्रशासन इनकी फरियाद नहीं सुन रहा है। दो साल से वह भटक रही हैं और आरोपी उनसे गुंडई करते हैं। समाधान दिवस में सुनीता ने रोते हुए न्याय न मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी दी।