नानपारा में चरस बरामदगी के दो अलग-अलग मामलों में सोमवार को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह (द्वितीय) ने नसीम को दोषसिद्ध करार देते हुए दोनों मुकदमों में एक-एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने 15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, 12 मई 2008 को नानपारा कोतवाली पुलिस ने कसगर टोला निवासी नसीम के कब्जे से 600 ग्राम चरस बरामद की थी। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद 28 मई 2015 को नसीम के कब्जे से 190 ग्राम चरस बरामद हुई। इस मामले में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई।
पुलिस ने दोनों मामलों की विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने नसीम को दोनों मामलों में दोषी माना और एक-एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।