फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुरईपुरवा गांव घाघरा के निशाने पर

Fri, 01 Sep 2017 10:56 PM IST
बहराइच
विज्ञापन
महसी के चुरईपुरवा में घाघरा की कटान के कारण अपने घराें को तोड़ते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
तराई में रुक-रुक कर हो रही वर्षा के बीच घाघरा नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव के बीच कटान और तेज हो गई है। चुरईपुरवा गांव नदी के निशाने पर आ गया है। रात से शुक्रवार दोपहर बाद तक गांव में 12 मकान तथा 128 बीघा खेती योग्य जमीन कटान की भेंट चढ़ी है। पीड़ित ग्रामीणों ने तहसील को सूचना दी है। लेकिन कटान रोकने के कोई उपाय नहीं हुए।
विज्ञापन


इसके चलते ग्रामीण आशियाने उजाड़कर पलायन कर रहे हैं। घाघरा नदी के जलस्तर में तीन दिन से निरंतर कमी आ रही थी लेकिन गुरुवार रात से शुरू हुई झमाझम बरसात के चलते शुक्रवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.836 मीटर मापा गया।

नदी का जलस्तर ऐ सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ने लगा है। हालांकि अभी नदी खतरे के निशान से नीचे है। लेकिन कटान बढ़ी है। इससे महसी तहसील काचुरईपरुवा गांव नदी के निशाने पर आ गया है। यह गांव नदी की लहरों से दो तरफ से घिर चुका है।
विज्ञापन


रात से शुक्रवार दोपहर तक नदी की लहरों ने कटान करते हुए चुरईपरुवा निवासी शंभू, पप्पू, बसंतलाल, ताहिर, माहिर, मंगरे, मंगरू, सूहा, अलीशेर, मुस्तफा समेत 12 लोगों के आशियाने को लील लिया है। इसके साथ ही गांव के निकट 128 बीघा खेती योग्य जमीन को भी नदी की लहरों ने समाहित कर लिया है।

सभी ने जैसे-तैसे घर की गृहस्थी को बचाया। कटान से हड़कंप की स्थिति है। लेकिन कटान रोकने के उपाय नहीं हो सके हैं। क्षेेत्रीय राजस्वकर्मी कट रहे मकान और खेत का ब्यौरा ही महज इकट्ठा कर रहे हैं। इस मामले में उपजिलाधिकारी नागेंद्र कुमार का कहना है कि कटान रोकने के लिए सरयू ड्रेनेज खंड के अभियंताओं को पत्र लिखा गया है। जिन लोगों के मकान और खेत कट रहे हैं। उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।

घाघरा में डूबकर किशोरी की मौत : महसी। बौंडी थाना अंतर्गत ग्राम नई बस्ती सिलौटा निवासी 14 वर्षीय निशा पुत्री जगत शुक्रवार दोपहर में मवेशियों के लिए चारा लाने के लिए नदी की गांव से गुजरने वाली धारा को पार कर उस पार गई थी। शाम को वापस लौटते समय वह गहरे पानी में चली गई। किशोरी ने बचाव के लिए शोर मचाया आसपास के लोग दौड़े लेकिन तब तक वह तेज धारा में बह गई।

चीख पुकार सुनकर लोग दौड़े लेकिन नहीं बचा सके। गांव के गोताखोरों ने देर शाम उसके शव को घटनास्थल से तीन सौ मीटर की दूरी पर निकाला। पंचनामा करने के बाद परिवारीजनों ने किशोरी के शव को नदी में प्रवाहित कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें