भारत-नेपाल सीमा पर बने लैंड पोर्ट ऑफ अथारिटी एकल जांच केंद्र का मामला
बीती 5 जुलाई को नेपाली युवती का वायरल हुआ था वीडियो
संवाद न्यूज एजेंसी
रुपईडीहा (बहराइच)। भारत व नेपाल के बीच भारी वाहनों का बेहतर आवागमन होने के लिए बनाए गए एकल जांच केंद्र विवादों से घिरता जा रहा है। बीती पांच जुलाई को यहां पर मैत्री बस की एक युवती का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। इसकी खबर सिर्फ अमर उजाला ने ही प्रकाशित की थी। इसके बाद इस मामले में अब बड़ी कार्रवाई होने की बात सामने आ रही है। यहां के तीन अधिकारियों को कार्यमुक्त होना बताया जा रहा है। हालांकि इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट से जुड़ा कोई भी अधिकारी व कर्मचारी यहां होने वाले किसी मामले पर बोलने को तैयार नहीं है। वहीं यहां काम करने वाली एक युवती ने भी अंदर के दो कर्मचारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।
भारत-नेपाल सीमा पर बने लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया में कार्यरत प्रबंधक बीएस सिसोदिया एवं सुरक्षा अधिकारी वंशराज टेक्निकल का कार्य देख रहे नवजोत सिंह को कार्य मुक्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि नेपाल -भारत मैत्री बस की एक बस बीते 5 जुलाई की रात को आईसीपी से होकर भारत के लिए रवाना हो रही थी। जिसमें एक नेपाली युवती यात्री का नृत्य क्रिया जाने के समय अश्लील वीडियो बनाने की बात सामने आई थी। यह वीडियो वायरल भी हुआ था। आरोप था कि यहां के किसी कर्मचारी ने यह वीडियो बनाया है। हालांकि उस समय यह मामला रफा दफा कर दिया गया था। लेकिन अब इन अधिकारियों पर कार्रवाई होने की बात कही जा रही है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की जा रही है।
कार्यरत युवती ने लगाया प्रताड़ना का आरोप
आईसीपी (एकल जांच केंद्र) से जुड़ा दूसरा मामला प्रकाश में आ रहा है जिसमें आईसीपी में कार्यरत एक युवती द्वारा शनिवार को आरोप लगाए गए हैं कि उसने लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया में स्टोर कीपर के पद पर कार्य कर रही थी। जिसमें दो कर्मचारियों पर धमकी देने का आरोप लगाया गया है। युवती का आरोप है कि यह लोग कह रहे है कि हमारे हिसाब से काम करो वरना नौकरी से निकाल देंगे की बात बताई गई है। रूपईडीहा एसओ शमशेर बहादुर सिंह से ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है।
आईसीपी के संचालन के बाद से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
बेहतर यातायात के लिए भारतीय व नेपाली क्षेत्र में आईसीपी बनाया गया है। लेकिन अब यह विवादों में है। सूत्रों की मानें तो आईसीपी का संचालन जब से किया गया है तब तब से कोई न कोई नया विवाद जन्म ले रहा है। खामियां कहां है इस पर बोलने के लिए कोई भी अधिकारी कर्मचारी राजी नहीं है। सूत्रों की मानें तो यहां काम करने वाले कर्मचारियों को दो माह का वेतन नहीं दिया गया है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों ने वेतन न मिलने का आरोप लगाया है। लेकिन खुलकर कोई सामने नहीं आ रहा है।