जरवलरोड। सरयू नदी पर बने 44 वर्ष पुराने संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते हुए प्रशासन ने 16 अप्रैल से इस पर वाहनों का आवागमन दो माह के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में बहराइच और नेपाल से राजधानी लखनऊ जाने वाले लोगों को अब सीतापुर होकर लंबा सफर तय करना पड़ेगा।
लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग-927 पर स्थित यह पुल देवीपाटन मंडल के बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा और बलरामपुर जिलों के साथ नेपाल को भी राजधानी से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन इस मार्ग से हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके चलते 16 अप्रैल से सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह प्रतिबंध करीब दो माह तक लागू रहेगा।
यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन से वैकल्पिक मार्ग के तौर पर पीपा पुल का निर्माण कराया जा रहा है, निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता राजेश कुमार वर्मा के अनुसार इस पीपा पुल पर 15 अप्रैल से सीमित वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग के इंजीनियर अनंत मौर्य ने बताया कि पुल के नीचे मजदूरों और प्रेशर मशीनों की मदद से बेयरिंग बदलने का कार्य जारी है। 16 अप्रैल से मुख्य पुल पर यातायात बंद होने के बाद मरम्मत कार्य और तेजी से किया जाएगा।
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यह है डायवर्जन व्यवस्था
16 अप्रैल से संजय सेतु पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा।
ट्रक व बसें चहलारीघाट-सीतापुर मार्ग से लखनऊ भेजी जाएंगी।
स्थानीय व हल्के वाहन पीपा पुल से होकर गुजरेंगे।
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प्रशासनिक जिम्मेदारियां तय
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि पीपा पुल के संचालन के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। पुलिस विभाग यातायात नियंत्रण देखेगा, सिंचाई विभाग संरचना की निगरानी करेगा, जबकि स्वास्थ्य विभाग आपातकालीन सेवाएं सुनिश्चित करेगा।
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पीपा पुल पर किन वाहनों को अनुमति
साइकिल, मोटरसाइकिल, कार, जीप व एम्बुलेंस