बहराइच। जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने की पहल की गई है। अब कारागार में निरुद्ध बंदियों से मुलाकात करने आने वाले उनके परिजनों को चेहरा सत्यापन (फेस वेरिफिकेशन) और बायोमीट्रिक पहचान प्रणाली से गुजरना होगा। इसी प्रकार बंदियों की नियमित हाजिरी भी अब इसी प्रक्रिया से होगी।
जेल अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि जिला कारागार की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों के लिए चेहरा सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है। बिना फेस वेरिफिकेशन और अंगूठा लगाए किसी को भी जेल में प्रवेश नहीं मिलेगा। यह प्रक्रिया मुलाकात के लिए आने और वापस जाते समय दोनों पर लागू होगी।
अब तक कारागार में बंदियों से मुलाकात के लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद रजिस्टर में प्रविष्टि की जाती थी और मुलाकाती के हाथ पर जेल की मुहर लगाई जाती थी। बाहर निकलते समय उसी मुहर के आधार पर पहचान की जाती थी। नई व्यवस्था में ऑनलाइन आवेदन के बाद समय मिलने पर मुलाकाती को टैबलेट के माध्यम से फेस वेरिफिकेशन कराना होगा, इसके बाद बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाना अनिवार्य होगा।
इस नई प्रणाली में मुलाकात का समय और बाहर निकलने का समय स्वतः दर्ज हो जाएगा। इसके अलावा, बंदियों की दैनिक हाजिरी भी अब बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इसके लिए जेल परिसर में दो बायोमीट्रिक मशीनें लगाई जाएंगी।