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पॉली बैग पर बैन तो सुना पर आदत से हैं मजबूर

Thu, 21 Jan 2016 09:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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बहराइच। प्रदेश सरकार का आदेश है तो क्या, हम नहीं सुधरेंगे। प्रदूषण बढ़े या फिर मवेशी मरें, इससे हमें कोई सरोकार नहीं...। शायद पॉलीथिन पर बैन को लेकर जिले के लोगों की सोच ऐसी ही है।
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या यूं कहें कि बहराइचवासी जागरूक नहीं हैं तो गलत नहीं होगा। गुरुवार से प्रदेश सरकार ने पॉली बैग पर पूरी तरह रोक लगा दी है लेकिन इनका प्रयोग हर गली में धड़ल्ले से होता दिखा।

किसी ने जानकारी न होने की बात कही तो किसी ने कहा कि आगे सोचा जाएगा। हालांकि, कुछ सजग दुकानदारों ने ग्राहकों को सतर्क करते हुए उन्हें आगे से झोला लाने की सलाह दी।
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वहीं, कुछ व्यवसायियों ने जूट के बैग का बंदोबस्त कर लिया है। इसके इतर जिला प्रशासन सिर्फ सरकार के लिखित आदेश का ही इंतजार करता रहा।

न तो कोई टीम बाजार में निकली न ही अधिकारियों ने अपने स्तर से कोई रूपरेखा तय की। अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह ने कहा कि अभी तो पॉलीथीन पर प्रतिबंध का एक्ट लागू हुआ है।

लोग दो-चार दिन में स्वयं प्रयोग बंद कर देंगे। अगर उसके बाद भी उल्लंघन के मामले सामने आएंगे तो हमारी पूरी तैयारी है।

सीन- 1, सिविल लाइन

शहर का वीआईपी इलाका माने जाने वाले सिविल लाइन बाजार की दुकानों पर प्रतिदिन की तरह सामान्य तरीके से व्यवसायी पॉलीथिन में वस्तुओं की बिक्री करते दिखे।

अरविंद कुमार सिंह के जनरल स्टोर की दुकान पर पॉली बैग में खाद्य पदार्थ ग्राहकों को प्रदान किया जा रहा है। यहां मौजूद रायपुर राजा निवासी जगदीश ब्रेड और चिप्स खरीदने आए थे। उन्हें पॉली बैग में वस्तुएं प्रदान की गईं।

कर रहे जागरूक, लेकिन इतनी जल्दी कैसे रुके

व्यवसायी अरविंद कुमार का कहना है कि अखबारों में पॉलीथिन पर प्रतिबंध की खबरें पढ़ी हैं। यह सराहनीय कदम है, लेकिन इतनी जल्दी पॉली बैग का प्रयोग नहीं रोका जा सकता।

उन्होंने कहा कि प्रतिबंध का पहला दिन होने के चलते अपने स्तर से दुकान पर आने वाले ग्राहकों को पॉली बैग का प्रयोग न करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं लेकिन इसमें समय लगेगा।

सीन- 2, चौक बाजार

किराने की दुकान पर खरीददारी करने आए डिगिहा निवासी राजकुमार झोला लेकर नहीं आए थे। बोले कि जानकारी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने रोजमर्रा की वस्तुओं की खरीददारी कर पॉली बैग में सामान लिया। अन्य ग्राहकों को भी प्रतिदिन की तरह पॉलीथिन में सामान पैक कर प्रदान किया जा रहा था।

झोला लेकर आने की दे रहे सलाह
व्यवसायी संतोष तलरेजा का कहना है कि खरीददारी के लिए आने वाले लोग खाली हाथ आते हैं। प्रतिबंध का पहला दिन होने के बावजूद लोग पॉली बैग पर ही आश्रित दिखे। जागरूकता का अभाव है। लोगों को आगे से झोला लेकर आने की सलाह दी गई है।

सीन 3, पीपल तिराहा बाजार

यहां भी जनरल स्टोर की दुकान पर दंत मंजन, तेल और क्रीम की खरीददारी करने आए विनोद कुमार ने पॉलीथिन में सामान लिया। बोले कि प्रतिबंध की बात सुनी है लेकिन शुरू से जो चल रहा है, उस पर इतनी जल्दी अंकुश कैसे लगेगा। इसका विकल्प भी तलाशना होगा। विनोद पॉली बैग में सामान लेकर चले गए।

कपड़े के झोले की करेंगे व्यवस्था
दुकान मालिक सुंदर लखमानी ने कहा कि जूट से तैयार होने वाले हल्के कपड़े के झोले के लिए आर्डर दिया है। तीन दिन में झोले की सप्लाई मिल जाएगी। एक झोले पर दो से पांच रुपये का खर्च आता है। किसी तरह उसे वहन किया जाएगा। लेकिन ग्राहकों को भी जागरूक होना होगा।
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