बहराइच। अब गांव में बनने वाले प्रसाधन कक्ष बिना दरवाजे और पानी की टंकी के नहीं होंगे। साथ ही प्रसाधन कक्ष के बाहर लाभार्थी के साथ ही उसके पति या पत्नी का नाम भी दर्ज होगा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में अभियान चलाकर लोगों को प्रसाधन कक्ष निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत लाभार्थियों को 12 हजार रुपये की धनराशि भी दी जा रही है।
प्रसाधन कक्ष निर्माण में कई बार दरवाजे नहीं लगाकर लोग उसको उपले, फूस आदि के लिए प्रयोग करने लगते थे। इसे रोकने के लिए पंचायती राज महकमे ने कमर कस ली है।
जिला पंचायत राज अधिकारी एके सिंह ने बताया कि पंचायती राज विभाग के निदेशक ने पत्र जारी कर इसकी मॉनीटरिंग के निर्देश दिए हैं।
पत्र के जरिये कहा गया है कि गांव में बनने वाले प्रसाधन कक्ष में दरवाजे के साथ चौखट अनिवार्य होगा। साथ ही पानी की टंकी की व्यवस्था भी की जाएगी।
अब नई व्यवस्था के तहत प्रसाधन कक्ष के बाहर लाभार्थी के नाम के साथ पति या पत्नी का नाम भी अनिवार्य रूप से अंकित होगा। इस आदेश को कड़ाई से पालन कराने के लिए डीपीआरओ ने सभी एडीओ पंचायत को पत्र जारी किया है।