पयागपुर के रेवली गांव में ग्रामीणों से वार्ता करती पुलिस।
पयागपुर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पयागपुर क्षेत्र के रेवली गांव के मजदूरों को बंधक बनाए जाने की शिकायत की पुलिस जांच में पुष्टि नहीं हुई। एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देश पर हुजूरपुर व पयागपुर पुलिस ने गांव पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली और श्रीनगर पुलिस से संपर्क किया। प्रारंभिक जांच में मजदूरों के बीच गांजा पीने के बाद मारपीट की बात सामने आई है।
श्रीनगर से लौटे मजदूर अखिलेश पासवान ने बताया कि सेब की लोडिंग-अनलोडिंग निर्धारित समय से अधिक कराई जाती थी। विरोध पर ठेकेदार की ओर से धमकी देने का आरोप लगाते हुए उसने घर से पैसे मंगाए और लौट आया। परिजनों ने ठेकेदार मनोज यादव पर जबरन काम कराने का आरोप लगाया। मनोज ने आरोप नकारते हुए कहा कि नशे में मारपीट करने वाले मजदूरों को वापस भेज दिया गया।
मंगलवार को करीब 20 मजदूर जम्मू तवी एक्सप्रेस से घर लौटे। छह मजदूर श्रीनगर में हैं। इनसे फोन पर बात की गई, सभी ने बंधक बनाए जाने से इन्कार किया। एएसपी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि श्रीनगर पुलिस की जांच में भी स्थिति सामान्य मिली। मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।