चार दिन से जिले के बैंकों में कैश नहीं पहुंचने से भुगतान की समस्या बढ़ गई है। अवकाश होने के चलते रविवार को बैंक बंद रहे लेकिन कैश की कमी के चलते ज्यादातर एटीएम भी नहीं खुले। कुछ एटीएम खुले तो उनमें जल्द ही कैश खत्म हो गया। इसके चलते रुपये निकालने पहुंचे लोगों को काफी दिक्कत हुई। लोग एक से दूसरे एटीएम को भटके।
पांच सौ व हजार के नोट बंद होने के बाद बैकिंग व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। इसकी बड़ी वजह बैंकों को पर्याप्त कैश का नहीं मिल पाना है। जनपद में इलाहाबाद बैंक, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, एसबीआई, सेंट्रल बैंक, पीएनबी, बैंक आफ बड़ौदा, एचडीएफसी समेत अन्य बैंकों की 170 शाखाएं हैं।
बैंक अधिकारियों के मुताबिक इस समय एक शाखा को प्रतिदिन तीन से चार लाख रुपये खाता धारकों को भुगतान के लिए चाहिएं। चार दिन से जिले के बैंकों में कैश नहीं पहुंच पा रहा है। रोज सवा पांच करोड़ रुपये की जिले के बैंकों को उपलब्ध होने चाहिए। कैश नहीं होने के कारण बैंकों में मारामारी मची है।
यही समस्या एटीएम के साथ भी है। शहर में विभिन्न बैंकों के 36 एटीएम हैं। रविवार को बैंक की बंदी के चलते लोगों ने सुबह ही एटीएम का रुख किया। 10:30 बजे अस्पताल चौराहे के निकट एक्सिस बैंक और पानी टंकी पर यूनियन बैंक का एटीएम खुला तो लंबी कतारें लग गई।
दोनों एटीएम डेढ़ घंटे मेें ही खाली हो गए। शहर के अन्य एटीएम में ताले लटकते रहे। इस कारण लोग लेनदेन नहीं कर सके। शहर के चौक बाजार, पीपल चौराहा, गुरुनानक चौराहा, डिगिहा, छावनी बाजार, किसान डिग्री कालेज, अग्रसेन चौक पर काफी देर तक लोगों ने एटीएम खुलने का इंतजार भी किया। शटर नहीं खुलने पर निराश लौट गए।
यही हाल नानपारा, रुपईडीहा, मिहींपुरवा, गिरिजापुरी, कैसरगंज, जरवल, पयागपुर, चिलवरिया, रिसिया और नवाबगंज क्षेत्र का रहा। शहर से गांव तक लोग एटीएम से पैसा निकालने के लिए परेशान रहे। लोगों की जेब खाली होने से बाजार में भी सन्नाटा पसरा रहा। कारोबार व्यापार प्रभावित होने से परेशान हैं।