अजनाला हमले के आरोपी की गिरफ्तारी में नया खुलासा हुआ है। अब बहराइच पुलिस ने पीलीभीत से जत्थेदार को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां 'वारिस पंजाब दे' नेटवर्क और फर्जी दस्तावेज गिरोह की कड़ियां खंगाल रही हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
यूपी के बहराइच में भारत-नेपाल सीमा से प्रतिबंधित संगठन 'वारिस पंजाब दे' से जुड़े एवं वर्ष 2023 के चर्चित अजनाला थाना हमले के वांछित आरोपी विक्रमजीत सिंह की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। संयुक्त जांच में एक गुरुद्वारे के जत्थेदार का नाम सामने आने पर पुलिस ने उसे पीलीभीत से हिरासत में लेकर रुपईडीहा पहुंची है। सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं।
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भारत-नेपाल सीमा स्थित बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) पर नियमित जांच के दौरान बृहस्पतिवार देर शाम एसएसबी और रुपईडीहा थाना पुलिस ने पंजाब के रूपनगर निवासी तथा अजनाला थाना हमले के वांछित आरोपी विक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह लंबे समय से नेपाल में फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे रह रहा था तथा भारत में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था।
इमीग्रेशन नियमों के तहत भारत में प्रवेश की अनुमति दी
कार्रवाई के दौरान उसके साथ अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लो को भी बिना वैध वीजा के नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करते समय पकड़ा गया। हालांकि, उसकी अमेरिकी नागरिक पत्नी और आठ माह के बच्चे के पास वैध यात्रा दस्तावेज मिलने पर इमीग्रेशन नियमों के तहत उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
पूछताछ के दौरान विक्रमजीत ने जोग सिंह निवासी पीलीभीत का नाम बताया। इसके बाद बहराइच पुलिस उसे पीलीभीत से हिरासत में लेकर शनिवार सुबह रुपईडीहा पहुंची। जोग सिंह एक गुरुद्वारे का जत्थेदार बताया जा रहा है और मूल रूप से पंजाब के लुधियाना का निवासी है। सुरक्षा एजेंसियां विक्रमजीत और जोग सिंह के बीच संबंधों तथा पूरे प्रकरण में उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
तलाशी अभियान भी और सख्त कर दिया गया
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि एसएसबी, रुपईडीहा पुलिस, आईबी, एसबी और इमीग्रेशन विभाग की संयुक्त टीम पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। सीमा क्षेत्र में निगरानी, सत्यापन और तलाशी अभियान भी और सख्त कर दिया गया है।