बहराइच। नेपाल क्षेत्र के गैंडों को भी अब कतर्नियाघाट रास आने लगा है। बृहस्पतिवार की रात वन्य जीव प्रभाग से सटे नेपाल के रॉयल बर्दिया नेशनल पार्क से तस्कर हाथियों के बाद अब गैंडे की आमद भी भारतीय क्षेत्र में हुई है।
बच्चों के साथ भारतीय क्षेत्र में आए गैंडे के पूरे परिवार से जहां पर्यटन से जुड़े लोगों में उत्साह है, वहीं स्थानीय किसानों को फसल के नुकसान की चिंता सता रही है।
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में बर्दिया गांव के पास एसएसबी कैंप से सटे भारतीय इलाके में गैंडों का पूरा झुंड देखा गया। जिसमें दो बड़े गेंडों के साथ दो बच्चे शामिल थे। इन गैंड़ों ने अपनी चहलकदमी से खेतों में लगी गेहूं और सरसों की फसल को भी रौंद दिया। इससे बर्दिया के साथ ही भारतीय क्षेत्र में रहने वाले आसपास के इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
पीड़ित किसान सुरेश दूबे ने बताया कि बीते दो तीन दिनों से नेपाली गैंडे भारतीय क्षेत्र में आराम से विचरण करते देखे जा रहे हैं। बताया कि इनकी चहल कदमी से गेंहू की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों द्वारा हांका लगाकर घंटों की मशक्कत के बाद इन गेंडों को खेतों से भगाया जा सका।
हाथियों के उत्पात से पहले ही परेशानी
नेपाल सीमा से सटे बर्दिया गांव निवासी किसान बृजलाल ने बताया कि वह 11 फरवरी को खेत की रखवाली करने गए थे। इसी दौरान नेपाल से आए हाथियों ने उत्पात मचाते हुए पेड़ सहित उनको मचान से गिरा दिया था। ग्रामीणों में इससे व्याप्त दहशत खत्म भी नहीं हो सकी थी कि अब गैंडे की दस्तक ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है।
भारतीय क्षेत्र में भी हैं गैंडे
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग गैंडो को पहले से रास आता रहा है। वन विभाग की गणना के अनुसार भारतीय क्षेत्र में गैंडों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पूर्व की गणना में भारतीय क्षेत्र में 8 गैंडे थे, जिनकी संख्या में इजाफा होने की संभावना है।