बहराइच। करीब नौ साल पुराने अफीम तस्करी के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार-प्रथम की अदालत ने नेपाली महिला सुनीता पुन को दोषी करार दिया है। अदालत ने मंगलवार को उसे 12 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
रुपईडीहा थाने की पुलिस ने तीन मई 2017 को दोपहर करीब दो बजे नेपाल के सल्यान जिले के थाना सल्यान क्षेत्र के लक्ष्मीपुर वार्ड नंबर-3 निवासी सुनीता पुन को 2.502 किलोग्राम अवैध अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। बरामदगी के आधार पर रिसिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
विवेचना पूरी करने के बाद तत्कालीन उपनिरीक्षक दीपक कौशिक ने 30 जून 2017 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने सुनीता पुन को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।