बहराइच/रुपईडीहा। दीपावली पर देश विरोधी तत्व सीमा पर घुसपैठ न कर सकें इसके लिए भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट जारी किया गया है और सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है। सीमावर्ती थानों को भी सजग किया गया है। वहीं कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में भी शिकारी सेंध न लगा पाएं इसके लिए सभी सात रेंजों को अलर्ट कर विशेष निगरानी की जा रही है।
दीपावली, भाईदूज और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों पर भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन करने वाले नागरिकों की भारी भीड़ होती है। प्रतिदिन औसतन 50 हजार लोग नेपाल से भारत आ-जा रहे हैं। दिवाली पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
स्कैनर, डॉग स्क्वायड और सीसीटीवी कैमरों की मदद से आने-जाने वाले नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों की गहन पड़ताल हो रही है। रुपईडीहा सीमा चौकी पर एसएसबी 42वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट अमित कुमार और निरीक्षक ऋतुराज की निगरानी में चेकिंग हो रही है।
सशस्त्र सीमा बल 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बताया कि सभी सीमा चौकियों पर जांच और गश्त तेज कर दी गई है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके।
कतर्नियाघाट में भी वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में इस समय पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित है। जंगल 15 नवंबर को आम नागरिकों के लिए खुलेगा। लेकिन दीपावली पर तांत्रिक क्रियाओं के लिए शिकारी लक्ष्मी के वाहन उल्लू का शिकार करने के लिए जंगल में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं। अन्य दुर्लभ वन्य जीव पर भी शिकारियों की नजर होती है। इसके लिए कतर्नियाघाट सेंचुरी में भी अलर्ट किया गया है। डीएफओ कतर्नियाघाट सूरज ने बताया कि जंगल की सात रेंजों में विशेष निगरानी टीमें गठित कर दी गई हैं, गश्त बढ़ाई गई है। कतर्नियाघाट के रेंजर आशीष गौड़ ने बताया कि गेरुआ और कौड़ियाला नदियों से सटे इलाकों में भी गश्त बढ़ा दी गई है।
सीमावर्ती थानों को किया गया है सजग
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डीपी तिवारी ने बताया कि नेपाल सीमा से लगने वाले रुपईडीहा, नवाबगंज, मोतीपुर, मुर्तिहा और सुजौली थाना की पुलिस को अलर्ट किया गया है।