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निंदूरपुरवा कांड : रहस्य बरकरार, आठ नामजद, पांच हिरासत में

Sat, 04 Oct 2025 02:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच के निंदुरपुरवा गांव में मृतक सूरज यादव के रोते-बिलखते परिजन।  -संवाद
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बहराइच/ रामगांव। टेपरा गांव के निंदूरपुरवा मजरा में दो किशोर की धारदार हथियार से हत्या और चार लोगों की जलकर हुई मौत के तीसरे दिन शुक्रवार को भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा। इस बीच पुलिस ने मृतक किशोर सोनू के चाचा हीरालाल की तहरीर पर मृतक विजय कुमार मौर्य व उसके चाचा व चचेरे भाइयों समेत आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
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पुलिस ने मामले में पांच को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस विजय के भाई को भी हिरासत में लेकर घटना की तह तक जाने की कोशिश में जुटी है।


बुधवार को सामने आए इस हैरान कर देने वाले हत्याकांड में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों का बृहस्पतिवार तड़के पोस्टमार्टम किया गया। शुक्रवार को विजय की पहली पत्नी से हुई बेटी सुमन व उसके पति ने विजय व उसके परिवार का अंतिम संस्कार बहराइच के त्रिमुहानी घाट पर किया। वहीं सनी वर्मा व सूरज यादव का अंतिम संस्कार उनके परिजनों ने गांव निंदूरपुरवा में किया।


घटना के बाद से पुलिस के आला अधिकारी इस मामले के हर पहलू पर मंथन करते रहे। वहीं दो किशोर की धारदार हथियार से हत्या व विजय, धीरज कुमारी व बेटी रियांशी व प्रियांशी की जलकर हुई मौत को लेकर शुक्रवार को भी अटकलें लगाई जाती रहीं। विजय, उसकी पत्नी व दोनों बेटियों के शव टांड़ पर मिले थे।
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हालांकि पुलिस ने विजय के चचेरे भाई बहादुर व श्री भगवान, भतीजे सरवन, गुड्डू व मनोज के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घटना के बाद से ही हिरासत में लिए गए विजय के भाई अजय के अलावा पुलिस ने मामले में बलराम, जितेंद्र, मनोज, सरवन व गुड्डू को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।



प्रथम दृष्टया यह कांड विजय कुमार मौर्य की ओर से किया जाना माना जा रहा था। इस बीच हत्या के शिकार हुए किशोर सोनू के चाचा हीरालाल ने थाना रामगांव में तहरीर देकर आशंका जताई कि इतना बड़ा कांड कोई एक व्यक्ति नहीं कर सकता है। उन्होंने इस सामूहिक हत्याकांड को किसी बड़ी साजिश और नियोजित अपराध का परिणाम बताया।


थानाध्यक्ष रामगांव मदनलाल ने बताया कि आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ये सभी आपस में पट्टीदार हैं। इन नामजदों में से एक विजय की घटना वाले दिन ही जलकर मौत हो चुकी है। पुलिस को अब तक पूछताछ में किसी बड़े सूत्र के हाथ लगने की सूचना नहीं है। हालांकि बृहस्पतिवार को दशहरा और शुक्रवार को प्रतिमा विसर्जन में व्यस्तता के कारण पुलिस अभी फुरसत से इस मामले की विवेचना भी नहीं कर पाई है। हालांकि पुलिस इस मामले की तह में जाए बगैर अभी कुछ कहने से बच रही है।




गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार, सभी

निंदूरपुरवा कांड में जान गंवाने वाले छह लोगों का अंतिम संस्कार किया गया। दो मासूम बच्चों का दाह संस्कार निंदूरपुरवा गांव में हुआ, जबकि विजय मौर्या, उनकी पत्नी और दो बेटियों का अंतिम संस्कार बहराइच नगर में संपन्न हुआ। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे गांव का माहौल गमगीन रहा।



इस घटना के बाद गांव में डर और खामोशी छाई रही। मामले में विजय कुमार मौर्य, उसके भाई अजय व पट्टीदारों के हिरासत में लिए जाने के बाद लोग तरह-तरह के कयास लगाते रहे। वहीं विजय की पहली पत्नी से बेटी सुमन व उसके पति का गांव में न आना भी चर्चा का विषय रहा। साथ ही विजय व उसके परिवार का अंतिम संस्कार गांव में न कर बहराइच में किए जाने को लेकर यह चर्चा भी आम रही कि विजय की बेटी व दामाद को गांव में लोगों के गुस्से का डर था। शायद इसीलिए उन्होंने अंतिम संस्कार बहराइच में करना उचित समझा।

इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीण खुले तौर पर कुछ कहने से बच रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर गुस्सा और भय दोनों महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की वारदात ने पूरे समाज को हिला दिया है। हत्या के शिकार मासूमों के घर अभी भी सिसकियां सुनाई दे रही हैं।


गम के साथ लोगों में आक्रोश भी
दो किशोरों की हत्या और विजय व उसकी पत्नी व दो बेटियों की जलकर हुई मौत के बाद गांव निंदूरपुरवा में अजीब सी बेचैनी है। एक ओर जहां लोगों में इस घटना को लेकर गम है तो वहीं लोगों में आक्रोश भी है। घटना के बाद से पुलिस के खिलाफ नारेबाजी को देखकर गांव में पीएसी ने डेरा जमा लिया है। आशंका थी कि पोस्टमार्टम के बाद किशोरों के शव गांव में पहुंचने पर लोग भड़क सकते हैं। शायद इसी वजह से विजय व उसकी पत्नी व बेटियों के शवों का बहराइच में ही अंतिम संस्कार किया गया। बहरहाल पुलिस ने घटना के बाद हुए प्रदर्शन व नारेबाजी को देखते हुए ग्रामीणों के खिलाफ शांतिभंग की आशंका में मामला दर्ज किया है।




आईजी के निर्देश पर पुलिस हर पहलू पर कर रही जांच

घटना के बाद देवीपाटन मंडल के आईजी अमित पाठक ने घटनास्थल का दौरा कर पुलिस अधिकारियों को शीघ्र मामले का खुलासा करने का निर्देश दिया है। इसके बाद पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। गांव में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी तरह का तनाव या अप्रिय स्थिति पैदा न हो। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस कांड में शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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