बहराइच। जिले के ग्रामीण इलाकों में विकास की रफ्तार तेज करने और पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को मजबूत बनाने के लिए पांच ग्राम पंचायतों में बहुउद्देशीय पंचायत भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन भवनों के बनने से पंचायतों की बैठकें और प्रशासनिक कामकाज एक जगह पर संपन्न हो सकेंगे। प्रत्येक भवन के निर्माण पर 17.46 लाख रुपये की लागत आएगी।
पंचायतीराज विभाग ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगे थे। अब तक 25 ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनकी जांच प्रक्रिया चल रही है। शुरुआती चरण में पांच पंचायतों का चयन किया जाएगा, जहां बहुउद्देशीय भवनों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
बहुउद्देशीय भवनों में बैठक के लिए एक बड़ा हाल, दो कार्यालय कक्ष, पंचायत कर्मियों के लिए एक आवासीय कक्ष शौचालय खंड शामिल होंगे। भवनों का निर्माण ग्राम पंचायतों की देखरेख में और उनके द्वारा नामित एजेंसियों के माध्यम से कराया जाएगा।
निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम स्तर पर दी गई है ताकि स्थानीय संसाधनों और जनभागीदारी का भी उपयोग हो सके। बहुउद्देशीय भवन बन जाने पर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं भी एक ही छत के नीचे उपलब्ध होती रहेंगी।
जानिए क्या होगा इन भवनों में खास
- पंचायत स्तर की बैठकें और प्रशासनिक कार्य यहीं होंगे।
- गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी।
- पंचायत सचिव की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकेगी।
- ग्रामीणों को शिकायत व सुझाव दर्ज कराने में सहूलियत होगी।
- सरकारी दस्तावेजों व योजनाओं का रिकॉर्ड रखने में आसानी होगी।
16 नए अंत्येष्टि स्थलों का होगा निर्माण
प्रशासन ने जिले में 16 नए अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण का फैसला लिया है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस योजना के तहत एक अंत्येष्टि स्थल पर लगभग 1.5 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है। कुल 24.36 लाख रुपये का बजट तय किया गया है, जिससे चयनित स्थल पर जरूरी मूलभूत सुविधाएं जैसे टिनशेड, चबूतरा, पानी की व्यवस्था और बैठने की जगह उपलब्ध कराई जाएगी। सूत्रों के अनुसार अब तक 25 ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 16 का चयन जल्द ही किया जाएगा।
जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने से मिलेगी निजात
इन बहुउद्देशीय पंचायत भवनों का निर्माण हो जाने से ग्रामीणों को अनावश्यक जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। उन्हें विभाग संबंधी सूचनाएं एक छत के नीचे प्राप्त हो जाएंगी। इसके साथ ही अन्य समस्याओं का भी निस्तारण ग्राम स्तर पर ही कर दिया जाएगा। ग्रामीणों में इस प्रस्ताव को लेकर काफी उत्साह है।