बहराइच/पयागपुर। सड़क हादसों में बृहस्पतिवार को मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने चारों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। किसी भी बाइक सवार ने हेलमेट नहीं लगाया था। प्रारंभिक तौर पर हादसों का कारण तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी माना जा रहा है।
पयागपुर के ग्राम वीरपुर रुकनापुर निवासी ननके (40) अपनी मां सूका (65) के साथ बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे बाइक से पयागपुर जा रहे थे। गोंडा-बहराइच मार्ग पर झाला तरहर गांव के पास उनकी बाइक को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। चालक वाहन लेकर भाग निकला। पुलिस ने मां-बेटे के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
वहीं रामगांव के गोविंदपुर गांव निवासी शिक्षामित्र संजय कुमार (45) बुधवार रात अपनी पत्नी के लिए दवा लेने बाइक से बाजार के लिए निकले थे। रामगांव-बहराइच मार्ग पर गोविंदपुर चौराहे के निकट संजय की बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना घर पहुंची तो परिवार में मातम पसर गया। भाई अनंजय कुमार ने बताया कि संजय गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे। रामगांव पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर, श्रावस्ती जिले के सोनवा के चंदरखा बुजुर्ग गांव निवासी राजेश चौहान (30) बुधवार रात करीब नौ बजे दरगाह इलाके में स्थित मिल में काम कर बाइक से घर लौट रहे थे। बहराइच-मल्हीपुर मार्ग पर चिचड़ी चौराहे के निकट अचानक सामने एक साइकिल सवार आ गया। उसे बचाने के प्रयास में राजेश की बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, सिर में चोट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहगीरों की सूचना पर पहुंचे परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान राजेश ने दम तोड़ दिया। उनके चाचा पटेसर ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की सूचना पर कोतवाली नगर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पयागपुर, रामगांव और दरगाह इलाके में हुए सड़क हादसे में तीनों बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे। पोस्टमार्टम के चिकित्सकों ने बताया कि सभी की मौत सिर में चोट लगने और अधिक रक्त बहने से हुई है।