बाबागंज। क्षेत्र के रामनगर गांव में बृहस्पतिवार देर रात फूस की झाेपड़ी को फाड़कर घुसे जंगली जानवर ने मां के पास सो रहे बच्चे को खींच कर ले जाने की कोशिश की। मां ने संघर्ष कर बेटे की जान बचा ली, लेकिन खींचतान में मासूम के सिर का ऊपरी हिस्सा खुल गया। गंभीर हालत में बालक को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
रामनगर गांव निवासी अजय मिश्रा का पुत्र श्याम (7) रात में मां के पास सो रहा था। रात लगभग दो बजे फूस की टटिया फाड़कर अज्ञात जंगली जानवर ने हमला कर बच्चे के सिर को जबड़े में भर लिया। श्याम की चीख सुनकर नींद से जगी मां पूजा देवी ने जंगली जानवर से संघर्ष कर उसको बचा लिया, लेकिन खींचतान में बच्चे की खोपड़ी का ऊपरी हिस्सा खुल गया।
शोर सुनकर परिवार के अन्य लोग भी जाग गए, लोगों का शोर सुनकर जंगली जानवर भाग गया। परिजन तुरंत घायल बच्चे को सीएचसी चरदा ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख उसे मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया। सिर में टांका लगाने के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए बच्चे को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ भेज दिया।
घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और जंगली जानवर को पकड़ने की मांग की है।
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बाघ की तरह लग रहा था वन्यजीव, अंधेरा होने से नहीं पहचान सके
पीड़ित पिता अजय मिश्रा ने बताया कि रात में धुप अंधेरा था, हमले के समय वह झोपड़ी में दूसरी तरफ सो रहे थे। ऐसे में हमलावर जीव की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन पत्नी पूजा के मुताबिक वन्यजीव बाघ के आकार का भारी भरकम था। पूजा ने लगभग पांच मिनट तक उससे संघर्ष किया।
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चार टीमें कर रहीं गश्त
वन क्षेत्राधिकारी रुपईडीहा अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि घटना स्थल के पास कड़ी जमीन पर सिर्फ पंजे के नाखून का ही निशान है, जिससे अनुमान नहीं लग पा रहा है। आसपास एवं वन क्षेत्र के बाहर चार टीमों को लगाया गया है, हमलावर वन्यजीव के पगचिह्न खोजे जा रहे हैं। अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि हमलावर जानवर कौन है। ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।