नानपारा/नवाबगंज। नानपारा के नौसरगुमटिहा गांव और नवाबगंज कस्बे में खसरा फैल गया है। खसरे के चलते मां-बेटी की जान चली गई। वहीं, कई लोग बीमार हैं। सूचना के बावजूद अब तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मी प्रभावित क्षेत्र में नहीं पहुंचा है। छह रोगियों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
नानपारा तहसील क्षेत्र अंतर्गत नौसर गुमटिहा गांव में छह दिन से खसरा फैला है। गांव के लोगों ने खसरे के प्रकोप का पता लगने के दूसरे दिन ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचना दी लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार चुप्पी साधे रहे।
इसका नतीजा यह हुआ कि गांव निवासी रामस्वरूप की 35 वर्षीय पत्नी रामरानी ने दम तोड़ दिया। अभी परिवार रामरानी के मौत के सदमे से नहीं उबर सका था कि तभी सोमवार रात रामस्वरूप की 18 वर्षीय बेटी मीरा की भी खसरे के कारण जान चली गई। इससे परिवार में कोहराम मचा है।
जिला पंचायत सदस्य सतीश पोरवाल ने दोनों मौतों के बारे में और अन्य रोगियों के भी पीड़ित होने की बात सीएचसी नानपारा और मोतीपुर पर बताई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची है।
जबकि गांव में कुलदीप (35), ममता (6), ननकई (8), पुत्तन (7), बिन्नी (20) समेत 22 से अधिक लोग खसरे की चपेट में हैं। इनमें ममता, ननकऊ और पुत्तन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
उधर, नवाबगंज कस्बे के मोहल्ला धर्मशाला में खसरा फैलने से आलोक गुप्ता (22), अर्पित (9), घंटाघर चौराहा मोहल्ला निवासी मंतशा (8), कहंकशा (5), आदिल (5), अकीला (13), कीर्ति (5), निखिल (14) समेत 18 लोग खसरे की चपेट में हैं।
इनमें कहंकशा, नफीस और आदिल की हालत नाजुक गंभीर है। यहां के लोगों ने भी स्वास्थ्य केंद्र पर सूचना दी लेकिन इलाज की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।
सूचना मिली है, भेज रहे हैं टीम
नानपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरके कुरील ने बताया कि खसरा फैले होने की सूचना ग्रामीणों ने दी है। दो मौतें किन कारणों से हुई है, इसका पता जांच के बाद ही लग सकेगा। फिलहाल, टीम गांव भेजी जा रही है। संक्रामक रोग नियंत्रण केंद्र को भी मौत के मामले में जानकारी दी गई है। चिकित्साकर्मी प्रभावित इलाकों में कैंप कर इलाज करेंगे।