सड़क हादसे में दम तोड़ने वाले मिहींपुरवा निवासी राजीव गोयल का गमगीन परिवार।
- फोटो : सड़क हादसे में दम तोड़ने वाले मिहींपुरवा निवासी राजीव गोयल का गमगीन परिवार।
मिहींपुरवा। लखीमपुर-बहराइच हाईवे पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले प्रतिष्ठित व्यवसायी राजेश गोयल का शव पोस्टमार्टम के बाद सोमवार देर शाम घर पहुंचा तो पूरे कस्बे में मातम छा गया। उधर हादसे की सूचना मिलने के बाद नोएडा से उनकी पत्नी और इकलौती बेटी पारुल भी आधी रात घर पहुंचीं। जैसे ही दोनों की नजर राजेश के शव पर पड़ी, वे बिलख पड़ीं।
पारुल पिता के शव से लिपटकर लगातार रोती रही। उसकी चीख-पुकार सुन वहां मौजूद लोगों का कलेजा कांप उठा। महिलाएं उसे संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन पिता को खोने का दर्द बार-बार उसे बेसुध कर रहा था। देर रात तक घर पर लोगों का तांता लगा रहा। मंगलवार सुबह गायघाट स्थित सरयू नदी तट पर राजेश का अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई आनंद गोयल ने मुखाग्नि दी।
बीटेक एआई की पढ़ाई कर रही है पारुल
राजेश गोयल मिहींपुरवा में जनरल सप्लायर के रूप में जाने जाते थे। मिलनसार स्वभाव और मददगार व्यवहार के कारण उनकी कस्बे में अलग पहचान थी। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। पत्नी गृहिणी हैं, जबकि बेटी पारुल नोएडा में रहकर बीटेक एआई की पढ़ाई और इंटर्नशिप कर रही है। असमय मौत ने परिवार को भावनात्मक और आर्थिक दोनों तरह से झकझोर दिया है।