नानपारा (बहराइच)। श्रावस्ती सहकारी चीनी मिल का आधुनिकीकरण कर दिया गया है। जिस पर आठ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इससे चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ेगी। साथ ही अन्य फायदे होंगे। पेराई क्षमता बढ़ने से चीनी मिल के किसानों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। चीनी मिल का संचालन ऑटोमेटिक प्लांट से किया जाएगा।
नानपारा में स्थित श्रावस्ती सहकारी चीनी मिल पर नानपारा तहसील के साथ मोतीपुर व महसी आंशिक क्षेत्र के किसान गन्ना लेकर आते हैं। लेकिन मिल की क्षमता काफी कम थी। इससे मोतीपुर तहसील क्षेत्र के किसानों का गन्ना लखीमपुर भेजा जाता था। इसको देखते हुए मिल प्रशासन ने शासन को पत्र भेजा था।
चीनी मिल के महाप्रबंधक प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि शासन ने प्रदेश की 10 मिलों के साथ नानपारा मिल का आधुनिकीकरण करने की हरी झंडी दी थी। इसके लिए आठ करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। बजट मिलने के बाद सहकारी चीनी मिल का आधुनिकीकरण कर दिया गया है। इससे मिल की पेराई क्षमता बढ़ेगी। साथ ही क्षेत्र के किसानों का गन्ना समय से बिक सकेगा। अब किसानों को गन्ना लेकर भटकना नहीं पड़ेगा।
महाप्रबंधक ने बताया कि आधुनिकीकरण के बाद मिल का संचालन ऑटोमेटिक प्लांट से किया जाएगा। जीएम ने बताया कि इस बार ऑटोमेटिक मशीनों से आधुनिकीकरण के साथ पेराई सत्र शुरू किया जाएगा। इससे किसानों को लाभ मिलेगा। कर्मचारियों की परेशानी दूर होगी। वहीं, मिल की आमदनी भी बढ़ेगी।
अप्रैल तक 14.11 करोड़ का हुआ भुगतान
सहकारी चीनी मिल के जीएम प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि बीते पेराई सत्र के 22 हजार गन्ना किसानों का 14 करोड़ 11 लाख रुपये का बकाया भुगतान अप्रैल तक कर दिया गया है। जबकि शेष बचे 22.35 लाख रुपये का भुगतान सरकार से बजट आते ही पूरा कर दिया जाएगा।
23 से लगेगा किसान मेला
चीनी मिल के जीएम प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि 23 सितंबर से मिल परिसर में किसान मेले का आयोजन होगा। जिसमें गन्ना किसानों को पैमाइश, प्रजाति, रकवा, तौल, पर्ची, तौल समेत अन्य त्रुटियों का संशोधन मेले में किया जाएगा। मेले का समापन 25 सितंबर को होगा।